डीसीएम जैन मंदिर में विष्णुप्रभा एवं विभाश्री माताजी संघ का हुआ मंगल मिलन, श्रद्धालु हुए भाव-विभोर
जयपुर | शाबाश इंडिया।

दिगम्बर जैन आचार्य श्री 108 सुन्दर सागर महाराज की सुशिष्या आर्यिका श्री विष्णुप्रभा माताजी एवं आर्यिका श्री सुकाव्यमति माताजी ससंघ का नेमीसागर कॉलोनी से मंगल विहार संपन्न हुआ। इस दौरान आर्यिका श्री विष्णुप्रभा माताजी का निर्माण नगर में मंगल प्रवेश हुआ, जबकि आर्यिका श्री सुकाव्यमति माताजी का विहार श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, झोटवाड़ा की ओर हुआ।
सामाजिक कार्यकर्ता जयकुमार जैन बड़जात्या ने बताया कि मंगल विहार के दौरान डीसीएम जैन मंदिर में आर्यिका श्री विष्णुप्रभा माताजी एवं आर्यिका श्री विभाश्री माताजी ससंघ का मंगल मिलन हुआ। दोनों आर्यिका संघों के इस भावपूर्ण मिलन के सैकड़ों श्रद्धालु साक्षी बने। इस आध्यात्मिक दृश्य ने उपस्थित धर्मावलंबियों को भाव-विभोर कर दिया। इसके पश्चात आर्यिका श्री विभाश्री माताजी ससंघ का विहार श्याम नगर दिगम्बर जैन मंदिर के लिए हुआ।
निर्माण नगर जैन समाज के मंत्री पदमचंद गंगवाल ने बताया कि अपने मांगलिक प्रवचन में आर्यिका श्री विष्णुप्रभा माताजी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जैन समाज की एकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जैन गुरुओं को पंथवाद से ऊपर उठकर समाज को एक मंच पर लाने का प्रयास करना चाहिए तथा श्रावकों को भी किसी संतवाद या पंथवाद के प्रभाव में आए बिना सभी साधु-संतों के प्रति समान श्रद्धा और सम्मान का भाव रखना चाहिए।
बाल ब्रह्मचारिणी शैली दीदी ने बताया कि आर्यिका श्री विष्णुप्रभा माताजी तीन दिवसीय निर्माण नगर प्रवास के बाद कमला नेहरू नगर स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में वर्ष 2026 के चातुर्मास के लिए मंगल विहार करेंगी। वहीं बाल ब्रह्मचारिणी झिलमिल दीदी ने जानकारी दी कि आर्यिका श्री 105 सुकाव्यमति माताजी का चातुर्मास मुरलीपुरा, जयपुर में होगा, जहां 2 अगस्त को चातुर्मास स्थापना का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
मंगल विहार के दौरान नेमीसागर कॉलोनी, डीसीएम, निर्माण नगर एवं श्याम नगर क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इनमें विपिन पाटनी, विजय बड़जात्या, प्रदीप निगोतिया, जयकुमार जैन बड़जात्या, जैना गंगवाल, बीना बड़जात्या, अर्चना निगोतिया, पूनम बड़जात्या, नरेन्द्र ठोलिया, मीनू पाटनी, प्रवेश जैन, परमेश जैन, सुनील पहाड़िया, पदमचंद गंगवाल, राजरानी जैन, अंकित जैन, गजेन्द्र जैन, रेखा गोधा, सुमन बिलाला, कुसुम कासलीवाल, शांति सेठी, रेणुका गंगवाल, अजीत जैन, विजय सेठी, मुकेश जैन, आशु गोधा, प्रेमलता गोधा, सुरेश सबलावत, नरेन्द्र चूड़ीवाल एवं राजकुमार सेठी सहित सैकड़ों दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों ने सहभागिता निभाई।


