उपराष्ट्रपति ने वासुदेव देवनानी की पहल को बताया अनूठा, लोकसभा अध्यक्ष बोले- सकारात्मक सोच का परिणाम
जयपुर | शाबाश इंडिया।

राजस्थान विधानसभा के गौरवशाली 75 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा के अमृत उत्सव का शुभारंभ बुधवार को विधानसभा सदन में ऐतिहासिक माहौल के बीच हुआ। इस अवसर पर आयोजित विधायी महाकुंभ में वर्तमान और पूर्व विधायकों का अद्भुत संगम देखने को मिला। विधानसभा में लंबे समय बाद पहुंचे पूर्व विधायक भावुक नजर आए और उन्होंने इस आयोजन को यादगार बताया।
इस विशेष समारोह में कुल 410 जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई। इनमें 237 पूर्व विधायक, 163 वर्तमान विधायक तथा 10 अन्य पूर्व विधायक शामिल रहे। वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों के इस समागम की चर्चा प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी रही।
उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की पहल को अनूठा बताते हुए कहा कि वर्तमान और पूर्व विधायकों का यह समागम ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में राजनीति से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक परंपराओं और जनसेवा की भावना दिखाई दी। सभी दलों के विधायक और पूर्व विधायकों ने इसे अविस्मरणीय बताया।
लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने इस आयोजन को जनप्रतिनिधियों का महाकुंभ बताते हुए कहा कि इसकी परिकल्पना और सफल आयोजन के लिए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की सकारात्मक सोच प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर बहुत कम देखने को मिलते हैं और राजस्थान विधानसभा में यह पहला ऐसा आयोजन है।
समारोह में शामिल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विधायकों और पूर्व विधायकों ने भी विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने वाला और नई पीढ़ी के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणादायक है।
विधायी महाकुंभ के दौरान पूर्व और वर्तमान विधायकों ने राजस्थान विधानसभा की गौरवशाली परंपराओं को याद किया तथा अपने अनुभवों, योगदान और भविष्य के सुझावों पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर ने लोकतंत्र की निरंतरता, संवाद और जनसेवा की भावना को नई ऊर्जा प्रदान की।


