धर्मसभा में मोक्ष मार्ग पर चलने और सत्कर्म करने का दिया संदेश
जयपुर | शाबाश इंडिया।

आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज के शिष्य आचार्य श्री भरत सागर जी महाराज की सुयोग्य शिष्या, बाल योगिनी एवं मोक्ष मार्ग प्रकाशनी आर्यिका श्री 105 नंदीश्वर मति माताजी ससंघ वर्ष 2026 के चातुर्मास के लिए जयपुर से विहार कर चोमू की ओर अग्रसर हैं।
चातुर्मास समिति के प्रवक्ता पंकज बड़जात्या ने बताया कि आर्यिका श्री नंदीश्वर मति माताजी ससंघ राजावास जैन मंदिर से विहार कर रतन शांति फार्म हाउस, रामपुरा डाबड़ी पहुंचीं। वहां आयोजित धर्मसभा में माताजी ने अपने मुखारविंद से श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश देते हुए जनकल्याण, सत्कर्म और मोक्ष मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
आर्यिका श्री ने कहा कि जब मनुष्य का पुण्य उदय होता है, तब वह कहीं भी रहकर पुण्य अर्जित कर सकता है। गुरु एवं संतों का आशीर्वाद ही जीवन की सच्ची दिशा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने श्रेष्ठ कर्मों का कभी त्याग नहीं करना चाहिए, क्योंकि सत्कर्म ही मोक्ष मार्ग का आधार हैं। अंत में उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
समिति के मंत्री राजेंद्र पाटनी ने बताया कि सायंकाल सामूहिक भोजन, आरती एवं आनंद यात्रा का आयोजन किया गया। वहीं सुरेश छाबड़ा ने जानकारी दी कि आर्यिका श्री का अगला विहार रतन शांति फार्म हाउस से बसंत विहार स्थित पदमचंद, संजीव कुमार एवं संदीप कुमार के निवास की ओर रहेगा।
राजावास से विहार के दौरान चोमू क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहीं। इस अवसर पर जैन समाज के अध्यक्ष राजेंद्र जैन, मंत्री राजेंद्र पाटनी, अनिल जैन, हीरालाल, भागचंद, सुनील सेठी, ताराचंद, राजेंद्र कासलीवाल, नेमीचंद, कैलाश चौधरी, संदीप जैन, पवन जैन, सुनीता जैन, चंदा देवी, शिल्पी जैन, नेहा जैन, कृतिका, रविता बड़जात्या सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।


