
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
नवरात्र की भक्ति, दीपों की आभा और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श इस बार उदयपुर में एक साथ साकार होंगे। शहर में पहली बार दस दिवसीय भव्य रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। इसमें वृंदावन के 40 अनुभवी कलाकार अभिनय, संवाद और भावाभिव्यक्ति के माध्यम से रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत करेंगे।
श्री रामलीला समिति, उदयपुर के अध्यक्ष धर्मनारायण जोशी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि रामलीला 9 से 18 अक्टूबर तक सूरजपोल बाहर स्थित निम्बार्क महाविद्यालय मैदान में प्रतिदिन शाम 7 से 10 बजे तक आयोजित होगी। वृंदावन के पुष्टिमार्गीय श्री कृष्ण लीला संस्थान के कलाकार विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाएंगे। आयोजन में प्रतिदिन संतों का सानिध्य और आशीर्वाद भी प्राप्त होगा।
रामकथा का शुभारंभ 9 अक्टूबर को नारद मोह और अवतार प्रयोजन के प्रसंग से होगा। इसके बाद श्रीराम जन्म, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, पुष्प वाटिका, धनुष यज्ञ और राम-जानकी विवाह जैसे प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। आगे श्रीराम वनगमन, केवट संवाद, दशरथ मरण, भरत मिलाप, शूर्पणखा प्रसंग, सीता हरण, शबरी मिलन और श्रीराम-सुग्रीव मित्रता को भी मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
रामलीला के अंतिम चरण में लंका दहन, विभीषण शरणागति, सेतुबंध, अंगद-रावण संवाद और लक्ष्मण शक्ति के प्रसंग मंचित होंगे। 18 अक्टूबर को कुंभकरण, मेघनाद और रावण वध के साथ श्रीराम के अयोध्या आगमन एवं राज्याभिषेक का भव्य मंचन किया जाएगा।
रामलीला के बाद दशहरा उत्सव 20 अक्टूबर को सेक्टर-14 नेला स्थित कल्लाजी बावजी चौराहे पर शाम 6 बजे आयोजित होगा। यहां विशाल रावण दहन किया जाएगा। इसके साथ पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के कलाकारों एवं विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
पत्रकार वार्ता में संयोजक डॉ. विजय विप्लवी, समन्वयक अशोक बाबेल और प्रवक्ता कौशल मुन्दडा ने बताया कि आयोजन को व्यवस्थित एवं भव्य स्वरूप देने के लिए अलग-अलग समितियों का गठन कर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
रिपोर्ट: यौवन्तराज माहेश्वरी


