Friday, September 25, 2026

दृष्टि बदलते ही सृष्टि बदल जाती है, सम्यक दृष्टि भोगों को भी औषधि बना देती है : मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी

इंदौर | शाबाश इंडिया।

“जो शक्ति अकेले में नहीं जागती, वह शक्ति मिथुन चक्र से जागती है।” राष्ट्र संत राजकीय अतिथि मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ने यह बात दलालबाग मैदान में आयोजित विशाल श्रावक संस्कार शिविर की धर्मसभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भोग से शरीर की शक्ति बढ़ती है, लेकिन सम्यक दृष्टि वाला व्यक्ति भोगों का उपयोग भी औषधि के समान करता है। संसार के प्रत्येक जीव के भोग करने के तरीके अलग-अलग हैं और चारित्रवान व्यक्ति भोगों में आसक्त होने के बजाय उनका सदुपयोग करना सीखता है।

मुनिश्री ने कहा कि संसार के भोगों को भोगने के बाद उनमें आनंद मनाना हिंसानंद का कारण बन सकता है। चोरी करना पाप है, लेकिन चोरी में आनंद मनाना उससे भी बड़ा पाप है। उन्होंने भरत चक्रवर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि छह खंडों पर राज्य करने के बाद भी उनके मन में यह भाव आया कि उन्होंने ऐसा कौन-सा पुण्य किया है कि वे हर समय भोगों में फंसे हुए हैं और अब इन सबका त्याग करना है।

उन्होंने कहा कि सम्यक दृष्टि भोगों को औषधिवत उपयोग में लेती है। इंद्रियों को संस्कारित करने की आवश्यकता है। आंखों को सुंदर रूप पसंद आता है, लेकिन दृष्टि को ऐसा संस्कार देना चाहिए कि वह तीन लोक के नाथ तीर्थंकर भगवान को समवशरण में विराजमान देखे और उसी में आनंद अनुभव करे। उन्होंने रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि उसकी दृष्टि जिस ओर उठती थी, वहां विनाश का कारण बनती थी। इसलिए आंखों को ऐसा संस्कार देना चाहिए कि जिस पर भी दृष्टि पड़े, उसका जीवन धन्य हो जाए।

मुनिश्री ने कहा कि भोग बदलने से शक्ति का स्वरूप बदल जाता है। जब व्यक्ति प्रवचन में बैठता है तो उसकी आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है, जबकि विषय-वासनाओं में उलझने से वही शक्ति क्षीण होती है। उन्होंने कहा कि “दृष्टि बदलते ही सृष्टि बदल जाती है।” व्यक्ति को सुगंध और दुर्गंध जैसे द्वंद्वों में उलझने के बजाय उनसे ऊपर उठना चाहिए। व्यक्ति वही रहता है, लेकिन उसकी दृष्टि और संस्कार बदलते ही उसकी शक्ति का स्वरूप बदल जाता है।

धर्मसभा में प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया, ब्रह्मचारी विनोद भैया, चक्रवर्ती अध्यक्ष नवीन गोधा, सामाजिक संसद अध्यक्ष आनंद गोधा, चक्रवर्ती मनीष गोधा, महोत्सव अध्यक्ष अशोक डोशी, स्वागताध्यक्ष संजय सामरिया, महामंत्री हर्ष जैन, मंत्री अक्षय कासलीवाल, धर्मेंद्र सिमकेम, रमेश चंद्र निर्वाणा, शिविर पुण्यार्जक आकाश कोयला, सह कोषाध्यक्ष सौरव बड़जात्या, प्रिंसिपल टोंग्या, शिविर निर्देशक हुकुम काका कोटा, विजय धुर्रा, गिरीश गिन्नी, प्रचार प्रमुख संजय पाटौदी, सोनाली बागड़िया, अर्चना गोधा, राहुल सेठी, भूपेंद्र भोपाली, विपुल बाझल, राजेश दददु सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी समाजजन उपस्थित रहे।

कल निकलेगी विश्व शांति श्रावक संस्कार शिविर की शोभायात्रा

शिविर के समापन अवसर पर विश्व शांति श्रावक संस्कार शिविर की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। नवीन गोधा ने बताया कि शोभायात्रा के माध्यम से सभी शिविरार्थी नगर के जिनालयों की वंदना के लिए जाएंगे। प्रदीप भैया ने बताया कि शोभायात्रा में बड़ी संख्या में शिविरार्थी शामिल होंगे।

समापन समारोह में शिविर टॉपर के साथ तपस्वियों का बहुमान भी किया जाएगा। विजय धुर्रा ने बताया कि शिविर के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिविर टॉपर तथा तपस्या करने वाले तपस्वियों का सम्मान किया जाएगा।

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