
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
सावन की सुरमयी फुहारों के बीच पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर द्वारा 8 एवं 9 अगस्त को शिल्पग्राम के दर्पण सभागार में दो दिवसीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य समारोह ‘मल्हार’ का आयोजन किया जाएगा। उत्सव में भारतीय शास्त्रीय गायन, तबला, सितार और मोहिनीअट्टम की उत्कृष्ट प्रस्तुतियां कला प्रेमियों को सुर, ताल और भावों की अनूठी अनुभूति कराएंगी।
समारोह के प्रथम दिवस 8 अगस्त को शाम 7 बजे शास्त्रीय गायिका गौरी पाठारे अपनी मधुर प्रस्तुति से कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगी। उनके गायन में रागों की गंभीरता, भावों की कोमलता और साधना की गहराई का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा। इसके बाद प्रसिद्ध तबला वादक हेतल मेहता अपनी सधी हुई लय और ताल के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।

दूसरे दिन 9 अगस्त को सितार वादक विनायक चित्तर अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति से रागों की सुरमयी छटा बिखेरेंगे। उनकी प्रस्तुति के बाद सुप्रसिद्ध नृत्यांगना पल्लवी कृष्णन मोहिनीअट्टम की मनोहारी प्रस्तुति देंगी। उनकी भावपूर्ण अभिव्यक्ति, लयबद्ध पद संचालन और आकर्षक मुद्राएं दक्षिण भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा से दर्शकों को रूबरू कराएंगी।

पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि दोनों दिनों के कार्यक्रम सायं 7 बजे दर्पण सभागार में प्रारंभ होंगे तथा सभी कला प्रेमियों के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
उन्होंने कहा कि सावन की फुहारों के बीच आयोजित ‘मल्हार’ केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की समृद्ध परंपरा का उत्सव होगा, जहां बाहर सावन बरसेगा और भीतर सुर, ताल एवं भावों की अविरल वर्षा होगी।
रिपोर्ट : राकेश शर्मा ‘राजदीप’


