
जयपुर | शाबाश इंडिया।
डायबिटीज के मरीजों को आमतौर पर मीठी चीजों से परहेज करने की सलाह दी जाती है, लेकिन सीमित मात्रा में अंजीर का सेवन उनके लिए लाभकारी हो सकता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. पीयूष त्रिवेदी के अनुसार अंजीर पोषक तत्वों, फाइबर, विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है, जो शरीर की मेटाबोलिक गतिविधियों को बेहतर बनाने और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में सहायक हो सकता है।
उन्होंने बताया कि अंजीर में घुलनशील फाइबर पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, जो भोजन के पाचन की प्रक्रिया को धीमा करने और रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। हालांकि, इसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

डॉ. त्रिवेदी के अनुसार डायबिटीज के मरीज एक दिन में 2 से 3 सूखे अंजीर का सेवन कर सकते हैं। बेहतर परिणाम के लिए इन्हें रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाना लाभदायक माना जाता है। अधिक मात्रा में अंजीर का सेवन करने से रक्त शर्करा पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि अंजीर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम होता है, इसलिए नियंत्रित मात्रा में इसका सेवन अधिकांश मधुमेह रोगियों के लिए सुरक्षित माना जाता है। फिर भी जिन मरीजों की शुगर अनियंत्रित रहती है या जो नियमित दवाइयां ले रहे हैं, उन्हें अपने चिकित्सक की सलाह के बाद ही इसे आहार में शामिल करना चाहिए।
डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि अंजीर केवल डायबिटीज ही नहीं, बल्कि हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। इसमें मौजूद कैल्शियम और पोटैशियम हड्डियों को मजबूत बनाने तथा ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करने में सहायक होते हैं।
उन्होंने कहा कि अंजीर त्वचा के लिए भी लाभकारी माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा की नमी बनाए रखने, समय से पहले झुर्रियां आने की प्रक्रिया को धीमा करने तथा त्वचा के प्राकृतिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।
आयुर्वेद विशेषज्ञ ने सलाह दी कि जो लोग रक्त को पतला करने वाली दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, वे अंजीर को नियमित आहार में शामिल करने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य परामर्श लें।
— डॉ. पीयूष त्रिवेदी
आयुर्वेद विशेषज्ञ, जयपुर
एक्यूप्रेशर सेवा समिति


