शाबाश इंडिया | जयपुर।

राजस्थान की पत्रकारिता जगत के वरिष्ठतम हस्ताक्षरों में शामिल प्रवीण चंद्र छाबड़ा आगामी 25 जुलाई को अपने जीवन के 97वें वर्ष में प्रवेश करेंगे। सात दशक से अधिक लंबे पत्रकारिता जीवन में उन्होंने न केवल प्रदेश की राजनीति और सामाजिक परिवर्तन को निकट से देखा, बल्कि अपनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता से एक विशिष्ट पहचान भी बनाई।
प्रवीण चंद्र छाबड़ा को यह दुर्लभ गौरव प्राप्त है कि वे राजस्थान के एकीकरण के बाद गठित राजस्थान विधानसभा के प्रथम दिवस के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं और वर्तमान में उस ऐतिहासिक क्षण के ज्ञात एकमात्र जीवित साक्षी माने जाते हैं। इस दृष्टि से वे राजस्थान के राजनीतिक और लोकतांत्रिक इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं।
अपने लंबे पत्रकारिता जीवन में उन्होंने स्वर्गीय हीरालाल शास्त्री और स्वर्गीय मोहनलाल सुखाड़िया से लेकर अशोक गहलोत तक राजस्थान के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल को निकट से देखा। विभिन्न दौर के मुख्यमंत्रियों के साथ उनके आत्मीय एवं पारिवारिक संबंध रहे, जो उनके व्यक्तित्व, निष्पक्ष पत्रकारिता और सामाजिक विश्वसनीयता का परिचायक हैं।
आज भी प्रवीण चंद्र छाबड़ा सक्रिय हैं और अपने अनुभव, लेखनी तथा सामाजिक सरोकारों के माध्यम से नई पीढ़ी के पत्रकारों को निरंतर मार्गदर्शन एवं प्रेरणा दे रहे हैं। उनकी अद्भुत स्मरणशक्ति, कर्मनिष्ठा और पत्रकारिता के प्रति समर्पण उन्हें समकालीन पत्रकारिता जगत में विशिष्ट स्थान प्रदान करता है।
प्रवीण चंद्र छाबड़ा केवल एक वरिष्ठ पत्रकार नहीं, बल्कि एक संस्था, एक जीवंत इतिहास और राजस्थान की पत्रकारिता की अमूल्य धरोहर हैं। उनका जीवन पत्रकारिता के मूल्यों, निष्पक्षता और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण है।


