राघौगढ़ (गुना)। शाबाश इंडिया।

इस सदी के महान संत आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य, बुंदेली महाकवि एवं महान तपस्वी संत मुनि श्रमण सागर जी महाराज तथा मुनि ओंकार सागर जी महाराज का भव्य एवं ऐतिहासिक चातुर्मास धर्मनगरी राघौगढ़ में होने जा रहा है। विद्याबंशी परंपरा के वर्तमान आचार्य समय सागर जी महाराज के आदेश से मुनि संघ के चातुर्मास का सौभाग्य राघौगढ़ जैन समाज को प्राप्त हुआ है।
जैन समाज राघौगढ़ के अध्यक्ष सिंघई अशोक भारिल्य के नेतृत्व में चातुर्मास को लेकर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। जैन समाज ट्रस्ट कमेटी के मार्गदर्शक मंडल के वरिष्ठ सदस्य एवं भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय संरक्षक विजय कुमार जैन ने बताया कि मुनि संघ की चातुर्मास हेतु भव्य आगवानी 19 जुलाई को प्रातः 8 बजे की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मुनि संघ प्रातः साडा कॉलोनी स्थित जैन मंदिर से विहार कर राघौगढ़ नगर में प्रवेश करेगा। नगर में गाजे-बाजे एवं धर्म प्रभावना के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। श्रद्धालु अपने घरों पर पाद प्रक्षालन कर मुनि संघ का स्वागत करेंगे। इसके बाद मुनि संघ को श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर राघौगढ़ ले जाया जाएगा, जहां मंगल प्रवचन होंगे।
विजय कुमार जैन ने बताया कि चातुर्मास कलश स्थापना का विराट आयोजन आगामी 9 अगस्त को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर आसपास के नगरों एवं ग्रामों की जैन समाजों को आमंत्रित किया जा रहा है। आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रबंध समिति सदस्यों एवं श्रद्धालुओं को भी आमंत्रण दिया जा रहा है।
मुनिराज के चातुर्मास को लेकर जैन समाज राघौगढ़ में भारी उत्साह है। चातुर्मास को भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने के लिए आयोजित समाज की बैठक में विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। श्रद्धालु मुनि संघ के सान्निध्य में होने वाले धार्मिक आयोजनों को लेकर उत्साहित हैं।


