जयपुर/शाबाश इंडिया।

श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, एसएफएस राजावत फार्म, मानसरोवर में विराजमान आचार्य 108 श्री विशद सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में श्री पार्श्वनाथ विघ्न हरण विधान एवं मंडल पूजा श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुई। विधान में देश में व्याप्त विभिन्न विपदाओं एवं समस्याओं के निवारण तथा विश्व शांति, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की मंगल कामना की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः नित्य नियम, अभिषेक एवं शांतिधारा से हुई। शांतिधारा संघस्थ ब्रह्मचारी प्रदीप भैया द्वारा कराई गई। इसके उपरांत प्रातः 8:15 बजे आचार्य श्री द्वारा रचित श्री पार्श्वनाथ विघ्न हरण विधान का आयोजन स्वयं उनके सान्निध्य एवं निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने 160 अर्घ्य समर्पित किए।
विधान में सोधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य सुरेंद्र-बबीता पाटनी को प्राप्त हुआ। जिनवाणी स्थापना सत्यनारायण-ललिता जैन ने की, जबकि मंडल पर दीप प्रज्ज्वलन सुभाष-शकुंतला सेठी द्वारा किया गया। स्वाध्याय मंडल के अध्यक्ष कैलाशचंद जैन एवं सुनील बज ने विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ पूजन संपन्न कराया। आयोजन की व्यवस्थाओं में लालचंद जैन, सुरेंद्र पाटनी एवं नरेंद्र शाह का विशेष सहयोग रहा।
इस अवसर पर आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य आशीष गंगवाल को प्राप्त हुआ। विधान में शामिल श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ प्राप्त करते हुए संकल्प लिया कि वे निराहार रहकर एक समय ही भोजन ग्रहण करेंगे।
समिति के महामंत्री सौभागमल जैन ने बताया कि आचार्य श्री के प्रवास के दौरान प्रतिदिन प्रातः नित्य नियम, अभिषेक, शांतिधारा एवं प्रवचन, दोपहर में स्वाध्याय तथा सायंकाल आरती एवं मंगल यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी चतुर्दशी पर मुनि 108 विशाल सागर जी महाराज द्वारा केशलोंच किया जाएगा।
कार्यक्रम में शाबाश इंडिया के मुख्य संपादक राकेश गोदीका, राजस्थान जैन सभा के उपाध्यक्ष विनोद जैन तथा सिद्धार्थ नगर जैन मंदिर के अध्यक्ष महावीर रावका ने आचार्य श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष कमलेशचंद जैन, मंत्री कुणाल काला एवं संगठन मंत्री रजनीकांत ने अतिथियों का तिलक एवं माला पहनाकर सम्मान किया।


