
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
उम्र के आखिरी पड़ाव पर अक्सर दवाइयों और सुविधाओं के साथ सबसे ज्यादा जरूरत अपनापन, सम्मान और किसी अपने के साथ की होती है। सवीना स्थित सुखधाम भवन वृहद एवं विधवा आश्रम में ऐसा ही आत्मीय दृश्य देखने को मिला, जब इनर व्हील क्लब ऑफ उदयपुर दीवाज की सदस्याएं बुजुर्गों के बीच पहुंचीं और उनके साथ कुछ यादगार पल बिताए।
यह आयोजन महज औपचारिक सेवा कार्यक्रम न रहकर दिलों को जोड़ने की सहज कोशिश बन गया। क्लब सदस्याओं ने वृद्धजनों के साथ बैठकर बातचीत की, उनके अनुभव सुने और उनकी पसंद-नापसंद को लेकर आत्मीय संवाद किया। इसके बाद खेल, गीत, भजन और नृत्य की रंगत ने आश्रम परिसर को उल्लास से भर दिया। कई बुजुर्गों ने उत्साह के साथ खेलों में भाग लिया। विजेताओं को पुरस्कार देकर तालियों के बीच सम्मानित किया गया। सभी के लिए नाश्ते की व्यवस्था भी की गई।
क्लब की संस्थापक रेखा भाणावत ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर सम्मान के साथ किया गया संवाद और अपनापन किसी बड़ी भेंट से कम नहीं होता। हमारा छोटा-सा प्रयास बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान और मन में आत्मीयता का भाव जगाना है।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी रानी दीदी ने आध्यात्मिक संवाद के माध्यम से बुजुर्गों को ईश्वर-स्मरण, सकारात्मक विचार और ध्यान की सरल विधियों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि शांत मन जीवन की हर परिस्थिति को सहज बनाने की शक्ति देता है।
उपाध्यक्षा आशा श्रीमाली सहित नीलम खंडेलवाल, प्रीति श्रीमाली, अर्चना शर्मा, सुमन जागेटिया और प्रवीणा देवपुरा ने आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई। विदाई के समय बुजुर्गों की आंखों की चमक और उनके स्नेहिल आशीर्वाद ने यह एहसास कराया कि कुछ रिश्ते समय से नहीं, बल्कि संवेदना और अपनत्व से बनते हैं।
रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’


