
सम्मेद शिखरजी | शाबाश इंडिया।
शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखरजी स्थित तेरहपंथी कोठी में परम पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य उपाध्याय श्री बृषभानंदी जी महाराज ससंघ का वर्ष 2026 का चातुर्मास मंगल कलश स्थापना के साथ श्रद्धा एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में प्रारंभ हुआ। झंडारोहण के उपरांत सम्मेद शिखर कलश, पुष्पदंत कलश, पार्श्वनाथ कलश सहित 11 मंगल कलशों की स्थापना विधि-विधानपूर्वक की गई।
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन ने बताया कि धर्मसभा में विभिन्न मंदिरों में विराजमान आचार्य, साधु एवं आर्यिकाएं ससंघ उपस्थित रहे। देश के विभिन्न राज्यों से आए गुरु भक्तों, मंदिर प्रबंध समिति, धर्म जागृति संस्था के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रीति दीदी के मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर चारित्र चक्रवर्ती आचार्य शांतिसागर जी महाराज एवं अंकलीकर आदिसागर जी महाराज के चित्रों का अनावरण किया। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा अतिथियों एवं पदाधिकारियों का तिलक, माल्यार्पण एवं दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर उपाध्याय श्री एवं साधु संघ का पाद प्रक्षालन दिल्ली ग्रीन पार्क, मधुबन के भूपेंद्र जैन, सुरेश जैन, सुकेश जैन, द्वारका जैन, रानू जैन सहित परिवारजनों ने किया तथा श्रद्धापूर्वक शास्त्र भेंट अर्पित किए।
धर्मसभा में उपस्थित सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने खड़े होकर हाथ जोड़ते हुए उपाध्याय श्री से तेरहपंथी कोठी, मधुबन में चातुर्मास करने का निवेदन किया। इस पर उपाध्याय श्री ने कहा कि जब परम पूज्य आचार्य श्री की सहमति प्राप्त हो चुकी है, तो उनकी ओर से भी चातुर्मास की सहमति है। यह घोषणा होते ही पूरा परिसर गुरु जयकारों से गूंज उठा।
प्रथम सम्मेद शिखर मंगल कलश स्थापित करने का सौभाग्य मुरैना जैन परिवार को, द्वितीय पुष्पदंत मंगल कलश विनोद जैन (तार वाले), मुरैना परिवार को तथा तृतीय पार्श्वनाथ मंगल कलश सपना जैन, प्रीति विहार (दिल्ली) परिवार को प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त 11 रजत कलश कमलकुमार, भूपेश जैन, हिमांशु जैन (कामां–फरीदाबाद), अंजू जैन, नारद जी जैन (नोएडा) सहित विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं द्वारा स्थापित किए गए।
सभा में परम पूज्य युगल मुनि श्री शिवानंद जी एवं प्रशमानंद जी महाराज ने भी चातुर्मास के आध्यात्मिक महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन प्रतिष्ठाचार्य मनोज जैन (दिल्ली) ने किया।
इस अवसर पर पूर्व पुलिस आयुक्त रमेश जैन गर्ग, उदयभान जैन (कामां–जयपुर), भूपेश जैन, हिमांशु जैन, संजय ठोलिया, बसंत बाकलीवाल, अनिल जैन गदिया, पंकज लुहाड़िया, सेठी थड़ी मार्केट (जयपुर) सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
समापन पर उपाध्याय श्री बृषभानंदी जी महाराज ने विभिन्न मंदिरों से पधारे साधु-संघों, देशभर से आए श्रद्धालुओं, पदाधिकारियों एवं प्रबंध समिति के प्रति मंगलभाव व्यक्त करते हुए सभी को धर्म, संयम एवं साधना के मार्ग पर अग्रसर रहने का आशीर्वाद प्रदान किया।


