
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
चित्रकूट नगर स्थित पेसिफिक कॉलेज में साई तिरुपति विश्वविद्यालय के वीआईएफटी की ओर से डिजाइन के विद्यार्थियों एवं रचनात्मक क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए आयोजित दो दिवसीय ‘डिजाइन्स : लीडिंग ऑर लाइफ’ वर्कशॉप उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। कार्यक्रम में रचनात्मक गतिविधियों, डिजाइन चैलेंज और विशेषज्ञ संवाद के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान एवं अनुभव प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का पहला चरण 31 जुलाई को आयोजित हुआ, जिसमें आइस ब्रेकर एवं टीम बिल्डिंग गतिविधियों के साथ विभिन्न रचनात्मक अभ्यास कराए गए। कॉलेज फैकल्टी ज्योति शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित डिजाइन चैलेंज में प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशीलता, समस्या समाधान क्षमता तथा समूह में कार्य करने की दक्षता का प्रदर्शन किया। ‘क्रिएट, एक्सप्लोर एंड कोलैबोरेट’ की अवधारणा पर आधारित इस सत्र में विद्यार्थियों को नए विचार विकसित करने, विचार-मंथन करने और उन्हें प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
दूसरे दिन 1 अगस्त को आयोजित मास्टरक्लास में विशेषज्ञ प्रधान वास्तुकार आर्किटेक्ट अंजली आजाद दुबे ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। व्याख्यान के बाद आयोजित संवाद एवं प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने वास्तुकला, डिजाइन प्रक्रिया, रचनात्मक सोच, व्यावसायिक चुनौतियों तथा इस क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों पर उपयोगी सुझाव देते हुए उन्हें डिजाइन के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया।
इस अवसर पर वैशाली पूर्बिया (वरिष्ठ सहयोगी, मानव संसाधन), आर्किटेक्ट हर्षा चौधरी, आर्किटेक्ट रजत सिंह तथा आर्किटेक्ट आर्यन पंडिता भी उपस्थित रहे।
संघ चेयरपर्सन आशीष अग्रवाल ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से सीखने, प्रयोग करने और अपने विचारों को साकार करने के लिए प्रेरित करना है।
डायरेक्टर डॉ. रिमझिम गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम को सभी डिजाइन प्रेमियों के लिए खुला रखा गया, जिससे विभिन्न पृष्ठभूमियों के युवाओं को भी इसमें सहभागिता का अवसर मिला।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। दो दिवसीय वर्कशॉप ने प्रतिभागियों में रचनात्मकता, सहयोगात्मक कार्यशैली, आत्मविश्वास और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करते हुए उनकी डिजाइन यात्रा को नई दिशा प्रदान की।


