रानीला। परम पूज्य आचार्य श्री 108 ज्ञान सागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद से तथा उनकी परम प्रभावक शिष्या गणनी आर्यिका 105 आर्षमति माताजी के मंगल सान्निध्य में रानीला जी अतिशय क्षेत्र में आयोजित जैन प्रतिभा सम्मान समारोह भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन के मुख्य आकर्षण रहे कवि हृदय विकर्ष शास्त्री,जिन्होंने अपने अद्भुत मंच संचालन, कुशल निर्देशन और ओजस्वी व्यक्तित्व से संपूर्ण कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
अखिल भारतीय ज्ञानार्ष भक्त परिवार एवं आदिनाथपुरम रानीला ट्रस्ट द्वारा उनकी विशिष्ट सेवाओं, साहित्यिक प्रतिभा, विद्वत्ता और उत्कृष्ट संचालन को देखते हुए उन्हें “ज्ञानार्ष विद्वत रत्न” अलंकरण से सम्मानित किया गया। कवि हृदय विकर्ष शास्त्री जी आज जैन समाज के चर्चित बहुमुखी प्रतिभा संपन्न युवा विद्वानों में अग्रणी स्थान रखते हैं। उनकी प्रभावी वाणी, सहज अभिव्यक्ति और सृजनशीलता ने उन्हें समाज में विशेष प्रतिष्ठा दिलाई है।


