
जयपुर | शाबाश इंडिया।
एम्बिशन किड्स एकेडमी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को विद्यालय परिसर में विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को गांधीजी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता एवं सादगी जैसे आदर्शों से परिचित कराना और उन्हें अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. एम.एल. जैन ‘मणि’ एवं सचिव डॉ. शांति जैन ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. अलका जैन ने विद्यार्थियों को महात्मा गांधी के जीवन, संघर्ष, सत्य एवं अहिंसा के सिद्धांतों तथा स्वच्छता के प्रति उनके विचारों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से गांधीजी के आदर्शों को केवल पढ़ने तक सीमित न रखते हुए उन्हें अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष सुलेख प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने सुंदर लिखावट, स्वच्छता, स्पष्टता एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में वरिष्ठ शिक्षिकाएं श्रीमती सुनीता गुप्ता एवं श्रीमती निशा मित्तल शामिल रहीं। उन्होंने निर्धारित मानदंडों के आधार पर विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।
कार्यक्रम में कक्षा 5 के विद्यार्थियों ने महात्मा गांधी के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित लघु नाटक प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने नाटक के माध्यम से गांधीजी के जीवन-संदेश, सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों तथा उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व को मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक की एंकर एवं समन्वयक के रूप में श्रीमती नताशा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कार्यक्रम का संचालन किया।
विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती अनिता जैन ने गांधी जयंती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, अनुशासन एवं सादगी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को इन मूल्यों को अपने व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के निदेशक डॉ. मनीष जैन ने कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता और महान व्यक्तित्वों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम का समापन गांधीजी के आदर्शों को आत्मसात करने तथा सत्य, अहिंसा, स्वच्छता एवं राष्ट्रप्रेम के मार्ग पर आगे बढ़ने के संकल्प के साथ हुआ।


