
जयपुर | शाबाश इंडिया।
जयपुर की स्थापना के समय से निर्मित श्री दिगम्बर जैन मंदिर नसियां श्री बिजै लालजी पंड्या, आमेर रोड में पर्युषण पर्व के पावन अवसर पर आयोजित दस धर्म विधान मंडल पूजन का समापन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना के साथ हुआ। बसंत जैन बैराठी ने बताया कि उत्तम ब्रह्मचर्य पर्व के दिन मंदिर की सभी वेदियों पर अभिषेक के साथ सामूहिक शांतिधारा की गई। मंदिर के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि सभी वेदियों पर सामूहिक रूप से शांतिधारा का आयोजन किया गया।
मूल वेदी की प्रथम शांतिधारा शिखरचंद एवं मनोजजी कासलीवाल साईवाड़ वालों ने की। भगवान महावीर स्वामी की शांतिधारा राजकुमार, नवीन एवं सुधीर बिलाला ने, मुनिसुव्रतनाथ भगवान की पदमचंद, अमित जैन, राजकुमार जैन एवं जयकुमार जैन ने, शांतिनाथ भगवान की शरद गोदिका ने तथा अरहनाथ भगवान की शांतिधारा लोकेश जैन ने की।
सुधीर बिलाला ने बताया कि शांतिधारा के बाद नित्य नियम पूजन के साथ दस धर्म विधान मंडल के अंतर्गत ब्रह्मचर्य धर्म की पूजा-अर्चना की गई। साथ ही भगवान वासुपूज्य के मोक्ष कल्याणक के अवसर पर निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर कलशाभिषेक भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए यह भी गौरव का विषय रहा कि मानसी जैन, सुपुत्री स्वर्गीय श्री सियाराम, अनिता जैन बैराठी तथा हीना जैन, धर्मपत्नी वीर कुमार जैन बैराठी ने लगातार पांचवें वर्ष दस धर्म के उपवास किए।
उन्होंने बताया कि क्षमावाणी पर्व के अवसर पर पंचामृत कलश का आयोजन रविवार, 27 सितंबर को प्रातः 8:30 बजे होगा। इसके बाद सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।


