
जयपुर | शाबाश इंडिया।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक संदेश तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि रक्त में अम्लता बढ़ने से हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज होती है और रोजाना लौकी का जूस पीने से 2-3 महीने में हार्ट की ब्लॉकेज खत्म हो सकती है। संदेश में यह भी दावा किया गया है कि इससे हार्ट अटैक की संभावना समाप्त हो जाती है और ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ती।
चिकित्सकीय दृष्टि से इन दावों को प्रमाणित उपचार नहीं माना जा सकता। हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज सामान्यतः एथेरोस्क्लेरोसिस से संबंधित होती है, जिसमें धमनियों की दीवारों में कोलेस्ट्रॉल, वसा और अन्य पदार्थ जमा होने से रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, धूम्रपान, मोटापा, उम्र और पारिवारिक इतिहास जैसे कई कारक हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
लौकी एक पौष्टिक सब्जी है और संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती है, लेकिन लौकी के जूस को हृदय की धमनियों की ब्लॉकेज खोलने या हार्ट अटैक का इलाज करने वाली प्रमाणित चिकित्सा नहीं माना जाता। इसी तरह रक्त की अम्लता को लौकी, तुलसी या अन्य खाद्य पदार्थों से सामान्य करके ब्लॉकेज खत्म करने का दावा भी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति को डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाएं बंद करके केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर नहीं होना चाहिए। हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज होने पर जांच और मरीज की स्थिति के आधार पर उचित उपचार का निर्णय चिकित्सक करते हैं।
यदि किसी व्यक्ति को सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना, चक्कर, मतली या दर्द का हाथ, कंधे, पीठ अथवा जबड़े तक फैलना जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

लेखक/स्रोत: डॉ. पीयूष त्रिवेदी, आयुर्वेद एक्सपर्ट, एक्यूप्रेशर सेवा समिति, जयपुर से संबद्ध।
नोट: यह सामग्री स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। हार्ट अटैक, हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या में घरेलू उपचार के भरोसे चिकित्सा में देरी न करें। किसी भी उपचार या सप्लीमेंट को शुरू अथवा बंद करने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह लें।


