
जयपुर | शाबाश इंडिया।
जयपुर। श्री दिगम्बर जैन मंदिर, जनकपुरी–ज्योतिनगर अपने धार्मिक इतिहास के एक स्वर्णिम अध्याय का साक्षी बनने जा रहा है। मंदिर स्थापना के 46 वर्ष पूर्ण कर 47वें वर्ष में प्रवेश के साथ ही वर्ष 2026 में पहली बार जनकपुरी जैन समाज को किसी आचार्य संघ के चातुर्मास का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है।मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार 19 जुलाई (रविवार) को आध्यात्मयोगी आचार्य 108 श्री आदित्य सागरजी मुनिराज ससंघ का श्री दिगम्बर जैन मंदिर, जनकपुरी–ज्योतिनगर में चातुर्मासार्थ भव्य मंगल प्रवेश होगा। यह आयोजन जनकपुरी के धार्मिक इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।प्रातःकाल आचार्य श्री ससंघ का मंगल विहार बरकत नगर दिगम्बर जैन मंदिर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से भव्य शोभायात्रा के रूप में जनकपुरी मंदिर पहुँचेगा। मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा में श्रद्धालु आचार्य श्री के मंगल प्रवचन का लाभ प्राप्त करेंगे।आचार्य श्री के 28वें वर्षायोग के पावन अवसर पर विशेष रूप से 28 स्वागत द्वार बनाए गए हैं। मंदिर प्रवेश के समय 28 थालों से पाद प्रक्षालन एवं 28 दीपों से मंगल आरती कर श्रद्धा और भक्ति के साथ उनका अभिनंदन किया जाएगा।चातुर्मास समिति, मंदिर प्रबंध समिति, महिला मंडल एवं युवा मंच द्वारा मंदिर परिसर सहित संपूर्ण मार्ग को आकर्षक रूप से सजाया गया है। प्रवेश समारोह एवं धर्मसभा में जनकपुरी, ज्योतिनगर, बरकत नगर, महेश नगर, कीर्ति नगर, मधुबन सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर समाज में उत्साह एवं श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।


