
किशनगढ़ | शाबाश इंडिया।
किशनगढ़। धर्म नगरी किशनगढ़ स्थित जैन भवन में आचार्य 108 श्री विद्यासागरजी महाराज के 59वें दीक्षा दिवस पर श्रद्धा एवं भक्ति के साथ धर्मसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पुण्यार्जक परिवार अंकुर, सीमा, रौनक, मुस्कान एवं साव्या पाटनी (अजमेर) द्वारा आचार्य 108 श्री वर्धमान सागरजी महाराज, आचार्य 108 श्री विराग सागरजी महाराज एवं आचार्य 108 श्री विशुद्ध सागरजी महाराज के चित्रों का अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।धर्मसभा में पुण्यार्जक परिवार को आचार्य श्री के पाद-प्रक्षालन, शास्त्र भेंट एवं सायंकालीन आरती का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस दौरान समाज के पदाधिकारियों एवं महिलाओं ने पुण्यार्जक परिवार का स्वागत एवं अभिनंदन किया।कार्यक्रम का मंगलाचरण निधि गदिया ने प्रस्तुत किया तथा मंच संचालन बसंत बैद ने किया। इस अवसर पर ज्ञानोदय तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष मिश्रीलाल गदिया (अजमेर) भी उपस्थित रहे।धर्मसभा में मुनि 108 श्री विजयेश सागरजी महाराज, मुनि 108 श्री सर्वहर्ष सागरजी महाराज एवं आर्यिका निधि हर्ष श्री माताजी ने धर्म, संयम, स्वाध्याय एवं आत्मकल्याण पर प्रेरणादायी प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि जैन दर्शन त्याग, तप, संयम एवं आत्मशुद्धि का मार्ग है और गुरु का सान्निध्य जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।इस अवसर पर श्री मुनि सुव्रतनाथ दिगम्बर जैन पंचायत के अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश बैद, श्री आदिनाथ पंचायत के अध्यक्ष प्रकाशचंद गंगवाल सहित दोनों पंचायतों के पदाधिकारियों एवं समाजजनों ने आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के चित्र पर श्रद्धापूर्वक अर्घ्य अर्पित कर उनके प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि व्यक्त की।वक्ताओं ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज का संपूर्ण जीवन त्याग, तपस्या, साधना एवं आत्मकल्याण की अनुपम प्रेरणा है। उनके आदर्श आज भी समाज को नैतिकता, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने सभी से गुरु के उपदेशों को जीवन में अपनाकर आत्मकल्याण की दिशा में अग्रसर होने का आह्वान किया।प्रचार-प्रसार संयोजक जितेन्द्र पाटनी ने बताया कि 20 जुलाई 2026 को देवाधिदेव 1008 श्री नेमीनाथ भगवान का मोक्ष कल्याण महोत्सव आचार्य 108 श्री विहर्ष सागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रातः 7:30 बजे श्री मुनिसुव्रतनाथ मंदिर में निर्वाण लड्डू चढ़ाया जाएगा।


