नौगामा (बांसवाड़ा)/शाबाश इंडिया।

नौगामा स्थित सुखोदय तीर्थ में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा भव्य नगर भ्रमण के उपरांत वैदिक एवं जैनाचार्य परंपरा के मंत्रोच्चार के बीच मूल वेदी पर हर्षोल्लास के साथ विराजमान की गई। प्रतिमा विराजमान होते ही पूरा परिसर भगवान के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से इस ऐतिहासिक क्षण का स्वागत किया।
प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा संपूर्ण नौगामा नगर में बैंड-बाजों, मधुर धार्मिक गीतों एवं जयकारों के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में सोधर्मेंद्र हाथी पर विराजमान होकर श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर रहे थे। महिलाएं मंगल कलश धारण किए हुए थीं, पुरुष केसरिया एवं सफेद वस्त्रों में तथा बालिकाएं हाथों में पंचरंगी जैन धर्म ध्वज लेकर चल रही थीं। नगर में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान को श्रीफल अर्पित कर भक्ति व्यक्त की तथा तिलक एवं पुष्पवर्षा से शोभायात्रा का स्वागत किया। घरों के बाहर तोरणद्वार एवं रंगोलियों से नगर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। वैष्णव समाज के प्रतिनिधियों ने भी भगवान को श्रीफल अर्पित कर श्रद्धा व्यक्त की।
शोभायात्रा सुखोदय तीर्थ नसिया जी पहुंची, जहां सुयश प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया एवं विधानाचार्य रमेश चंद्र गांधी के मंत्रोच्चार के बीच क्रेन की सहायता से भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा को मूल वेदी पर विराजमान कराया गया। प्रतिमा विराजमान होते ही श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारों से पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह मालवीय, मंदिर निर्माण से जुड़े ठेकेदार दिनेश जी, वर्धमान हॉस्पिटल के प्रोपराइटर धनपाल जी, मूर्ति पुन्यार्जक प्रदीप, रतनलाल, कमल वेदी के पुन्यार्जक भरत पंचोली तथा यंत्र विराजमान कराने वाले चौधरी नंदन जी, चरण जी एवं रतनलाल-मीठालाल सहित विभिन्न सहयोगियों का जैन समाज द्वारा सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में जैन समाज अध्यक्ष विपुल पंचोली, उपाध्यक्ष संजय गांधी, कोषाध्यक्ष राजेश गांधी, वास्तु शास्त्री श्रीपाल नानावटी एवं आशीष पिंडारमियां ने सभी का आभार व्यक्त किया। नवयुवक मंडल अध्यक्ष मुकेश गांधी ने आयोजन को सफल बनाने वाले सभी कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम की जानकारी जैन समाज के प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने दी।


