फागी। शाबाश इंडिया

राजकीय अतिथि सम्मान से सम्मानित दिगम्बर जैनाचार्य मुनि 108 श्री सुंदर सागर जी महाराज ससंघ का बुधवार को फागी कस्बे में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। चतुर्विध संघ में आठ मुनिराज, सात आर्यिका माताजी, चार क्षुल्लक, छह क्षुल्लिका, छह बाल ब्रह्मचारिणी एवं दो ब्रह्मचारी शामिल रहे। कस्बे की सीमा पर बैंड-बाजों, जयघोष और पुष्पवर्षा के साथ संघ का भव्य स्वागत किया गया।
जिला ओबीसी मोर्चा के महामंत्री एवं अध्यक्ष गोविंद धाभाई की अगुवाई में रेफरल अकादमी के विद्यार्थियों ने पुष्पवर्षा कर संघ का अभिनंदन किया। राजस्थान जैन सभा शाखा फागी के महामंत्री राजाबाबू गोधा ने बताया कि शोभायात्रा में पुरुषों के लिए सफेद कुर्ता-पायजामा, महिलाओं के लिए पारंपरिक परिधान तथा बच्चों के लिए अलग ड्रेस कोड निर्धारित किया गया था।
फागी पंचायत समिति के पूर्व प्रधान सुकुमार झंडा एवं मंदिर समिति के मंत्री कमलेश चौधरी ने बताया कि कस्बे की सीमा से निकली शोभायात्रा हायर सेकेंडरी स्कूल से विभिन्न बैंड-बाजों, घोड़ों, बग्गियों, जैन ध्वज, पंचरंगे ध्वज और जयघोष के साथ रवाना हुई। इस दौरान पार्श्वनाथ चैत्यालय में विराजमान आर्यिका सुरम्य मति माताजी ससंघ का मुनि संघ से गुरु-शिष्या मिलन हुआ। आर्यिका संघ ने मुनि संघ का नमन-वंदन एवं पाद-प्रक्षालन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
नगर भ्रमण के दौरान चंद्रपुरी दिगम्बर जैन मंदिर सहित विभिन्न स्थानों एवं श्रद्धालुओं के आवासों पर पाद-प्रक्षालन और आरती की गई। अग्रवाल धर्मशाला के बाहर नगरपालिका चेयरमैन ओमप्रकाश खवास, पूर्व प्रधान, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी संघ का स्वागत कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर समिति के महेंद्र बावड़ी एवं विनोद मोदी ने बताया कि पूरे कस्बे को दुल्हन की तरह सजाया गया था। जगह-जगह तोरणद्वार, रंगोली और स्वागत द्वार बनाए गए थे। शोभायात्रा में अष्टद्रव्य से सजे थाल, शास्त्र, आरतियां एवं धार्मिक ध्वज श्रद्धालु लेकर चल रहे थे। पदमपुरा पदयात्रा संघ की ओर से विशेष डांडिया प्रस्तुति भी दी गई। कई स्थानों पर आतिशबाजी एवं ड्रोन से पुष्पवर्षा की गई।
मुख्य बाजार में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से मंच पर 51 थालों से सामूहिक पाद-प्रक्षालन किया गया। श्रद्धालु “सुंदर शरण, सम्यक चरण” के जयघोष के साथ जैन संतों के चित्र लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए। पार्श्वनाथ चैत्यालय पहुंचने पर सौभाग्यवती महिलाओं ने मंगल कलशों के साथ संघ की अगवानी कर आरती उतारी।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका सुरम्य मति माताजी ने कहा कि फागी में इस प्रकार का भव्य मंगल प्रवेश “न भूतो, न भविष्यति” है और यह आयोजन लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा। वहीं आचार्य सुंदर सागर जी महाराज ने कहा कि इतने विशाल मुनि संघ का फागी में पदार्पण क्षेत्रवासियों का सौभाग्य है। जिस भूमि पर संतों का आगमन होता है, वह भूमि पुण्यशाली बन जाती है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रद्धालु परिवारों ने पाद-प्रक्षालन, शास्त्र भेंट एवं अन्य धार्मिक सेवाओं में सहभागिता निभाई। आचार्यश्री की आहारचर्या नरेंद्र कुमार–अनिल कुमार कासलीवाल परिवार के यहां संपन्न हुई। आयोजन के उपरांत सभी आगंतुक श्रद्धालुओं के लिए स्वेच्छा भोज की व्यवस्था की गई।
आयोजकों के अनुसार जयपुर, सांगानेर, रेनवाल, माधोराजपुरा, डिग्गी, मालपुरा, केकड़ी, निवाई, चाकसू क्षेत्र सहित अनेक शहरों एवं कस्बों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस का विशेष प्रबंध किया गया।


