
जयपुर | शाबाश इंडिया।
ह्यूमन ग्लोरी वूमेन्स क्लब की ओर से रविवार को बिटिया दिवस (Daughter’s Day) का भव्य आयोजन होटल चाणक्य, एम.आई. रोड, जयपुर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मां-बेटी के बीच प्रेम, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव को उत्सव के रूप में मनाने के साथ महिलाओं एवं बेटियों को एक सशक्त मंच प्रदान करना रहा।
फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रमोद जैन भंवर ने बताया कि कार्यक्रम में महिलाओं और बेटियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। क्लब अध्यक्ष मनीषा जैन ‘कुसुम’ ने बताया कि कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. अलका गौर रहीं। वह उद्यमी एवं सॉवेनियर होटल की एमडी तथा राजस्थान में FIEO से जुड़ी प्रमुख पदाधिकारी हैं। उन्होंने महिलाओं और बेटियों को संबोधित करते हुए ऐसे आयोजनों को महिला सशक्तीकरण तथा पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध एंकर शिखा जैन ने किया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण ‘मदर-डॉटर फैशन वॉक’ रहा, जिसमें मां और बेटियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इसके अलावा डांस प्रस्तुतियां, म्यूजिक, फन एक्टिविटीज और विभिन्न रंगारंग कार्यक्रमों ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। क्लब सचिव संतोष बम्ब एवं उपाध्यक्ष उपमा सारस्वत ने प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना की। प्रतिभागियों के लिए आकर्षक उपहारों की व्यवस्था किसना ज्वैलर्स की ओर से की गई।
कार्यक्रम में सभी के लिए शानदार लंच की भी व्यवस्था की गई। ह्यूमन ग्लोरी वूमेन्स क्लब की ब्रांड एंबेसडर प्रियांशी जैन रहीं। ‘शाबाश इंडिया’ दैनिक ई-पेपर के संपादक राकेश गोदिका ने प्रियांशी जैन को क्राउन पहनाकर सम्मानित किया, जबकि समता गोदिका ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया।
कार्यक्रम के दौरान Shalby Multi-Specialty Hospitals के सहयोग से स्वास्थ्य परिचर्चा का आयोजन भी किया गया। इसमें जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. विवेक शर्मा एवं कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन जांगिड़ ने स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की।
इस अवसर पर शेल्बी हॉस्पिटल के असिस्टेंट मैनेजर मार्केटिंग संजय मिश्रा, विकास, मोनिका जैन, राकेश गोदिका, समता गोदिका, डॉ. राजीव जैन, आशी बम्ब, अनंत जैन, अजय जैन दिल्ली वाले एवं राजीव पाठक सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
ह्यूमन ग्लोरी वूमेन्स क्लब के इस आयोजन में महिलाओं और बेटियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम ने मां-बेटी के खूबसूरत रिश्ते को उत्सव, मनोरंजन और सामाजिक जुड़ाव के साथ यादगार रूप प्रदान किया।


