Tuesday, July 28, 2026

दुःख हमारे कर्मों का परिणाम है, लेकिन जीवनभर दुःखी रहना नियति नहीं : राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

इन्दौर | शाबाश इंडिया।

राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य के जीवन में आने वाला प्रत्येक दुःख उसके पूर्व में किए गए कर्मों का परिणाम होता है। इसलिए जब भी कोई दुःख आए, उसे स्वीकार करते हुए आत्मचिंतन करना चाहिए, क्योंकि वही आत्मपरिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करता है। वे दलाल बाग में आयोजित विशाल धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे।

मुनिश्री ने कहा कि जिस प्रकार जेल यह बताती है कि व्यक्ति ने अपराध किया है, उसी प्रकार जीवन के दुःख भी संकेत देते हैं कि कहीं न कहीं हमारे कर्मों में त्रुटि रही है। उन्होंने कहा कि शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक, आर्थिक या सामाजिक—किसी भी प्रकार का दुःख हो, वह स्थायी नहीं होता और समय के साथ समाप्त हो जाता है।

उन्होंने कहा कि दुःख को स्वीकार करना आवश्यक है, लेकिन यह मान लेना कि जीवनभर दुःख ही रहेगा, उचित नहीं है। अपराध की सजा मिलना अलग बात है, परन्तु जीवनभर स्वयं को अपराधी मान लेना गलत है। मनुष्य को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने जीवन को सुधारकर आदर्श जीवन की ओर आगे बढ़ेगा।

मुनि श्री ने कहा कि कर्मों से कोई भी भाग नहीं सकता, लेकिन सत्कर्म, आत्मसंयम और सही चिंतन के माध्यम से जीवन में परिवर्तन अवश्य संभव है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शास्त्रों में ऐसे अनेक प्रसंग हैं, जहाँ निम्न कुल में जन्म लेने वाले व्यक्तियों ने भी अपने आचरण और साधना से महानता प्राप्त की तथा देवताओं तक ने उनका गुणगान किया।

29 जुलाई को मनाया जाएगा गुरु पूर्णिमा महोत्सव

मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि 29 जुलाई को राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में दलाल बाग मैदान में गुरु पूर्णिमा महोत्सव भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम दोपहर 1:30 बजे प्रारम्भ होगा, जिसमें गुरु महापूजा, संगीतमय आराधना तथा गुरु गुणगान के विशेष आयोजन होंगे। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की तैयारियाँ की जा रही हैं।

गुरु पूर्णिमा पर होगी भव्य संगीत निशा

धर्म प्रभावना समिति के मनीष नवीन गोधा ने बताया कि गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर भव्य संगीत निशा का आयोजन भी किया जाएगा। इसके लिए विशेष रूप से आमंत्रित कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे। समिति ने शहरवासियों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने तथा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत-सत्कार में सहयोग करने की अपील की।

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