
रावतसर | शाबाश इंडिया।
देशभक्ति की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और बच्चों में महान स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन एवं विचारों के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से 27 सितंबर 2026 को ‘भगतसिंह बनो’ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में 5 से 15 वर्ष तक के बच्चे भाग ले सकेंगे।
प्रतियोगिता के दिन शाम 5 बजे गोगामेड़ी मंदिर के सामने बच्चे महान क्रांतिकारी शहीद भगतसिंह की तरह पगड़ी बांधकर प्रतियोगिता में शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य बच्चों में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है।
विजेता को मिलेगा ₹11,000 का नगद पुरस्कार
प्रतियोगिता में शामिल बच्चों से शहीद भगतसिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी, वीर शिवाजी और महाराणा प्रताप से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता बच्चे को ₹11,000 का नगद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रत्येक बेटे-बेटी को भी 5 पुरस्कार दिए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को प्रोत्साहन मिले और उनमें देशभक्ति की भावना को बढ़ावा दिया जा सके।
मंच पर गूंजेगा देशभक्ति का संदेश
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशभक्ति कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। बच्चों की प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, साहस और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया जाएगा।
रावतसर क्षेत्र के वीर जवानों का होगा सम्मान
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण रावतसर क्षेत्र के ड्यूटी पर तैनात एवं सेवानिवृत्त सेना के जवानों का सम्मान रहेगा। आयोजकों ने क्षेत्र के सभी वीर जवानों से अपना नाम व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजने का आग्रह किया है, ताकि कार्यक्रम के दौरान उनका सम्मान किया जा सके।
कमेटी का निर्णय अंतिम
आयोजक कमेटी ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता से संबंधित सभी मामलों में कमेटी का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा।
‘भगतसिंह बनो’ प्रतियोगिता बच्चों को केवल प्रतियोगिता का मंच ही नहीं देगी, बल्कि उन्हें देश के महान वीरों के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर भी प्रदान करेगी। आयोजकों ने रावतसर क्षेत्र के अभिभावकों एवं आमजन से अधिक से अधिक बच्चों को प्रतियोगिता में शामिल करवाने और कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
देशभक्ति की भावना से जुड़ें, बच्चों को इतिहास से जोड़ें और वीरों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं।
रावतसर नरेश सिगची


