
जामनगर | शाबाश इंडिया।
करीब एक साल बाद हाथी माधुरी की अपने पुराने ठिकाने नंदनी मठ, कोल्हापुर लौटने का रास्ता साफ हो गया है। हाई-पावर्ड कमेटी की मंजूरी के बाद माधुरी को वापस कोल्हापुर ले जाने की अनुमति मिल गई है। वनतारा ने कहा है कि वह इस फैसले का सम्मान करेगा और माधुरी की आगे भी देखभाल में सहयोग करता रहेगा।
माधुरी को 30 जुलाई 2025 को हाई-पावर्ड कमेटी के निर्देश पर वनतारा लाया गया था। वनतारा के अनुसार, उसने माधुरी की कस्टडी की मांग नहीं की थी, बल्कि आदेश के बाद उसकी देखभाल की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले की दोबारा सुनवाई हुई और नंदनी मठ में उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।
कमेटी ने माधुरी को नंदनी लौटाने की अनुमति देते हुए उसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर कई शर्तें निर्धारित की हैं। माधुरी से किसी प्रकार का काम नहीं लिया जाएगा और न ही उसका इस्तेमाल जुलूस अथवा किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया जा सकेगा। उसकी 24 घंटे देखभाल सुनिश्चित करनी होगी तथा हर 15 दिन में स्वास्थ्य जांच करानी होगी।
वनतारा ने बताया कि उपचार और पशु चिकित्सकों की निगरानी के चलते माधुरी की सेहत स्थिर हुई है। हालांकि, उसकी पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए नियमित निगरानी और देखभाल आवश्यक है। नंदनी लौटने के बाद भी वनतारा के पशु चिकित्सक हर 15 दिन में माधुरी की स्वास्थ्य जांच करेंगे और जरूरत पड़ने पर उपचार में सहयोग करेंगे।
वनतारा की ओर से नंदनी मठ में माधुरी के रहने की व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी सहयोग किया गया है। इसमें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं, उपकरण, दवाएं और अन्य जरूरी सामग्री शामिल हैं। संस्था ने कहा कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर वह नंदनी मठ और स्थानीय प्रशासन की सहायता के लिए भी तैयार रहेगी।
वनतारा ने कहा कि माधुरी की वापसी से जुड़े पूरे फैसले में उसकी सेहत और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। संस्था ने सुप्रीम कोर्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट, हाई-पावर्ड कमेटी तथा महाराष्ट्र और गुजरात सरकारों का आभार जताते हुए कहा कि माधुरी जहां भी रहे, उसकी अच्छी सेहत, सुरक्षा और लंबी उम्र सुनिश्चित करना ही सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य होना चाहिए।


