
इंदौर | शाबाश इंडिया।
इंदौर। भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी की दो दिवसीय पदाधिकारी परिषद की बैठक गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुई। बैठक के प्रथम दिवस का आयोजन तीर्थधाम ढाईद्वीप जिनायतन, इंदौर में तथा द्वितीय दिवस की बैठक श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र बनेड़िया जी में आयोजित की गई। आयोजन की समस्त व्यवस्थाएं भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी मध्यांचल द्वारा की गईं।
मध्यांचल के प्रवक्ता एवं प्रचार प्रमुख राजेश जैन रागी ने बताया कि बैठक में देशभर के जैन तीर्थों के संरक्षण, संवर्धन तथा शतकोत्तर रजत स्थापना महोत्सव वर्ष के आयोजन को लेकर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक का स्वागत भाषण मध्यांचल के कार्याध्यक्ष संतोष कुमार जैन घड़ी ने दिया।
बैठक में अक्टूबर माह में जैन सिद्धक्षेत्र मथुरा में आयोजित होने वाले शतकोत्तर स्थापना वर्ष समारोह की रूपरेखा पर चर्चा की गई। साथ ही तीर्थक्षेत्र कमेटी को और अधिक सशक्त बनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को इस अभियान से जोड़ने के लिए विभिन्न सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया।
राष्ट्रीय चेयरमैन जवाहरलाल जैन, विजय जैन लुहाड़िया एवं संरक्षण एवं संवर्धन समिति के चेयरमैन जिनेश झांझरी ने तीर्थों के विकास एवं संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। वहीं पारस बज ने गिरनार तीर्थ से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे तथा राष्ट्रीय चेयरमैन (लीगल) वीरेश सेठ ने देशभर के जैन तीर्थों से संबंधित लंबित न्यायालयीन प्रकरणों एवं उनकी दीर्घकालिक रणनीति की जानकारी दी।
बैठक के दौरान सुमति धाम में देशभर से आए पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। सपना एवं मनीष गोधा ने तीर्थों के संरक्षण एवं संवर्धन में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। साथ ही युवा जैन शास्त्रियों द्वारा प्रभावी पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया गया। नवग्रह जिनालय ग्रेटर बाबा, गोमटगिरि एवं अतिशय क्षेत्र बनेड़िया जी में भी विभिन्न समितियों द्वारा पदाधिकारियों का सम्मान किया गया।
मध्यांचल के अध्यक्ष डी.के. जैन एवं महामंत्री राजकुमार जैन घाटे ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि बैठक में लिए गए निर्णय देशभर के जैन तीर्थों के संरक्षण, संवर्धन एवं आगामी शतकोत्तर रजत स्थापना वर्ष के आयोजनों के लिए मील का पत्थर सिद्ध होंगे।
बैठक में राष्ट्रीय एवं विभिन्न अंचलों के अनेक पदाधिकारी, समिति सदस्य एवं समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
वरिष्ठ पत्रकार राजेश रागी / रत्नेश जैन बकस्वाहा


