
जयपुर | शाबाश इंडिया।
जयपुर। सांगानेर स्थित श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, चित्रकूट कॉलोनी में चातुर्मास के लिए एक दशक बाद आचार्य 108 श्री विशद सागरजी महाराज, मुनि श्री विशाल सागरजी महाराज सहित ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने पलक-पावड़े बिछाकर आचार्य संघ का स्वागत किया तथा भव्य शोभायात्रा निकाली।
मंदिर समिति के अध्यक्ष अनिल काशीपुरा एवं महामंत्री मूलचंद पाटनी ने बताया कि चातुर्मास के लिए आचार्य श्री को श्रीफल भेंट किया गया। इसके पश्चात शनिवार सुबह चोरड़िया पेट्रोल पंप से शोभायात्रा रवाना हुई, जिसमें घोड़े, ऊंट, बग्गी और बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए चल रहे थे, वहीं महिलाएं लहरिया परिधान में भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए शोभायात्रा में शामिल हुईं। शोभायात्रा सांगानेर स्टेडियम, सांगा सेतु एवं थाना सर्किल होते हुए मंदिर पहुंची, जहां जिनेंद्र भगवान की आराधना के साथ धर्मसभा आयोजित की गई।
नवयुवक मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सौगानी एवं महिला मंडल अध्यक्ष बबीता सौगानी ने बताया कि धर्मसभा में जयपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने आचार्य संघ का स्वागत कर श्रीफल भेंट किए। आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य नरेश, विकास एवं अंकित बैद परिवार (चैनपुरा) को तथा शास्त्र भेंट का सौभाग्य महावीर एवं अखिलेश झांझरी परिवार को प्राप्त हुआ।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री विशद सागरजी महाराज ने गृहस्थ जीवन के दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दिगम्बर संत केवल गृहस्थों के यहां ही आहार ग्रहण करते हैं, इसलिए आहारदान जैसे पुण्य कार्य का अवसर कभी नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांत आज भी समाज के लिए पूरी तरह प्रासंगिक हैं और उनका अनुसरण जीवन को सार्थक बनाता है।
प्रशासनिक समन्वयक महावीर सुरेंद्र जैन एडवोकेट ने बताया कि चातुर्मास कलश स्थापना का भव्य कार्यक्रम 26 जुलाई को कंवर का बाग में आयोजित किया जाएगा। वर्षाकाल के दौरान परम पूज्य आचार्य श्री विशद सागरजी महाराज, मुनि श्री विशाल सागरजी महाराज, मुनि श्री विभोर सागरजी महाराज, मुनि श्री विलक्ष्य सागरजी महाराज, मुनि श्री विपिन सागरजी महाराज, आर्यिका श्री भक्ति भारती माताजी एवं क्षुल्लिका श्री वात्सल्य भारती माताजी का संघ चित्रकूट कॉलोनी में धर्म प्रभावना करेगा।


