जयपुर/शाबाश इंडिया।

श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, एसएफएस राजावत फार्म, मानसरोवर स्थित विशद सागर सभागार में परम पूज्य आचार्य 108 श्री विशद सागर जी महाराज के सान्निध्य में संघस्थ जयपुर गौरव मुनि 108 श्री विशाल सागर जी महाराज का वैराग्यमयी केशलोंच धार्मिक श्रद्धा एवं प्रभावना के साथ संपन्न हुआ। इस अद्भुत तप एवं त्याग के दृश्य का बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने अनुमोदन किया।
इस अवसर पर आचार्य श्री विशद सागर जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि दिगंबर संत 28 मूलगुणों का पालन करते हैं, जिनमें केशलोंच सबसे कठिन साधनाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि उपवासपूर्वक अपने ही हाथों से केशों का त्याग करना वैराग्य, तप और आत्मसंयम का अनुपम उदाहरण है। दिगंबर परंपरा की यह साधना त्याग और तपस्या की अद्वितीय मिसाल है।
केशलोंच के इस प्रेरणादायी आयोजन में एसएफएस, चित्रकूट कॉलोनी, राधा निकुंज सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजन एवं धर्मप्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मुनि श्री की कठोर तपस्या एवं वैराग्य की भावपूर्वक अनुमोदना की।
समिति के महामंत्री सौभागमल जैन ने बताया कि केशलोंच के उपरांत मुनि 108 विशाल सागर जी महाराज का आज उपवास रहेगा। उन्होंने बताया कि आचार्य श्री के प्रवास के दौरान प्रतिदिन प्रातः 6:30 बजे नित्य नियम, अभिषेक एवं शांतिधारा, प्रातः 8:30 बजे मंगल प्रवचन, दोपहर 3:00 बजे स्वाध्याय तथा सायंकाल 6:30 बजे आरती एवं मंगल यात्रा का नियमित आयोजन किया जा रहा है।


