जयपुर। शाबाश इंडिया

पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के उद्देश्य से युवाओं द्वारा शुरू की गई पहल ‘ट्रेलकीपर्स’ जयपुर की ट्रेकिंग ट्रेल्स और प्राकृतिक स्थलों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं संरक्षित बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है। यह जानकारी राजकीय सम्मानित समाजसेवी जिनेश कुमार जैन ने दी।
उन्होंने बताया कि यह युवा-नेतृत्व वाली पहल केवल प्राकृतिक स्थलों से कचरा हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में जिम्मेदार ट्रेकिंग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी पैदा कर रही है।
ट्रेलकीपर्स की ओर से अब तक तीन सफल ट्रेक क्लीनअप अभियान आयोजित किए जा चुके हैं। इन अभियानों में स्वयंसेवकों ने मिलकर लगभग 15 से 20 किलोग्राम प्लास्टिक, कांच की बोतलें, खाद्य पैकेजिंग तथा अन्य प्रकार का कचरा प्राकृतिक ट्रेल्स से हटाया। अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने लोगों से अपील की कि वे प्रकृति का आनंद लें, लेकिन अपने पीछे केवल अपने पदचिह्न छोड़ें, कचरा नहीं।
ट्रेलकीपर्स की संस्थापक अरिका शर्मा ने बताया कि प्रकृति, ट्रेकिंग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने विशेष लगाव से प्रेरित होकर उन्होंने इस पहल की शुरुआत की। उनका मानना है कि युवाओं की छोटी-छोटी पहल भी समाज और पर्यावरण में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकती है। इसी सोच के साथ वे अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़कर जयपुर की प्राकृतिक ट्रेल्स को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि इस पहल में उन्हें डॉ. सिद्धार्थ शर्मा, डॉ. बी. एस. शर्मा, ज्योतिषाचार्य पंडित दिनेश शर्मा, डॉ. लोकेंद्र शर्मा तथा एम. एल. गुप्ता का निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है। इन सभी ने स्वयंसेवक के रूप में क्लीनअप अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाकर पर्यावरण संरक्षण के इस प्रयास को मजबूती प्रदान की है।
ट्रेलकीपर्स नियमित रूप से क्लीनअप ड्राइव, पर्यावरण जागरूकता अभियान और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित करता है। संस्था ने प्रकृति प्रेमियों, ट्रेकर्स और आम नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है। किसी भी आयु वर्ग का व्यक्ति स्वयंसेवक के रूप में इसमें भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे सकता है।
ट्रेलकीपर्स का संदेश स्पष्ट है— “प्रकृति हमारी धरोहर है। आइए, मिलकर इसे स्वच्छ, सुंदर और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित बनाएँ।”


