
जयपुर | शाबाश इंडिया।
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 विलोक सागरजी महाराज ने गुरुवार, 15 अक्टूबर को त्रिवेणी नगर स्थित संत भवन में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मंदिर जाना केवल धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि अपने जीवन को सही दिशा देने और आत्मपरिवर्तन का संकल्प लेने का माध्यम है। मंदिर में बिताया गया समय हमें सांसारिक प्रपंचों और आरंभ-परिग्रह से दूर रहने की प्रेरणा देता है।
“जब पाषाण की मूर्ति भगवान बन सकती है, तो इंसान क्यों नहीं बदल सकता?”
धर्मसभा में मुनि श्री विलोक सागरजी महाराज ने कहा कि यदि एक निर्जीव पत्थर को तराशकर भगवान की प्रतिमा बनाई जा सकती है और उसकी पूजा होती है, तो मनुष्य भी अपने जीवन को संस्कारित करके स्वयं में परिवर्तन क्यों नहीं ला सकता? उन्होंने समझाया कि मंदिर जाना जितना महत्त्वपूर्ण है, उससे भी अधिक महत्त्व मंदिर में विराजित पाषाण प्रतिमा के स्वरूप और उसके संदेश को समझने का है।
मुनि श्री ने कहा कि मंदिर हमें बाहरी मोह-माया को शांत करने, आत्मचिंतन करने और अपने भीतर सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देता है। जब व्यक्ति सही भावना और श्रद्धा के साथ धर्माराधना करता है, तो वह पुण्य का संचय करने और पापों से बचने की दिशा में आगे बढ़ता है।
धार्मिक क्रियाओं के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
मंदिर समिति के अध्यक्ष महेंद्र काला एवं मुनि सेवा संघ के श्री महावीर कासलीवाल ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण के साथ हुआ। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन किया गया। समाजश्रेष्ठी अजित-मंजु दीवान परिवार ने मुनि श्री के पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किए।
समाज के गणमान्यजन रहे उपस्थित
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिषद के प्रचार प्रभारी (राजस्थान अंचल) नरेश कासलीवाल ने बताया कि धर्मसभा में समिति के राकेश छाबड़ा, कैलाश सौगाणी, अंकुर पाटोदी, अशोक पापड़ीवाल, सुरेश सेठ, हीरा जैन, नरेंद्र सेठी, सुनील-संजीव लुहाड़िया, विनोद अजमेरा, नितिन-नितेश छाबड़ा, विजय पांड्या एवं संजय सौगाणी सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
महिला मंडल की ओर से बबीता लुहाड़िया, मृदुला काला, वंदना अजमेरा, आशा बज, एकता पांड्या, उर्मिला-साधना छाबड़ा, लक्ष्मी देवी अजमेरा, सीमा (बैला) पाटनी, निर्मला छाबड़ा, शीला जैन, सुमन खैर, उमा जैन, मैना शाह, शांति देवी जैन एवं हीरामणी झांझरी सहित बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने धर्मसभा में सहभागिता की।
नरेश कासलीवाल
प्रचार प्रभारी (राजस्थान अंचल)
अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन परिषद
मोबाइल: 9462191401


