
मुंबई | शाबाश इंडिया।
भारत के अब तक के सबसे बड़े IPO की तैयारी के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने अगले कारोबारी विस्तार का रोडमैप सामने रखा है। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने मोबिलिटी, होम और एंटरप्राइज-इंटरनेशनल कारोबार को कंपनी के विकास के तीन प्रमुख इंजन बताया। कंपनी का लक्ष्य अपनी तकनीक, डिजिटल सेवाओं और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के दम पर वित्त वर्ष 2031 तक भारत की लगभग 1.4 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी में बड़ी भूमिका निभाना है।
‘हमारे बिजनेस की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हमारा ग्राहक है’
आकाश अंबानी ने कहा, “हमारे बिजनेस की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हमारा ग्राहक है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि जियो का मुख्य फोकस हर भारतीय, हर घर और हर एंटरप्राइज तक बेहतर एवं किफायती डिजिटल सेवाएँ पहुँचाना है। कंपनी के पास फिलहाल लगभग 53.3 करोड़ कनेक्टिविटी ग्राहक हैं और वह भारत के 60 प्रतिशत से अधिक डेटा ट्रैफिक को संभालती है।
मोबिलिटी: अगले पाँच वर्षों में 34 करोड़ नए ग्राहकों का अवसर
मोबाइल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में जियो अगले पाँच वर्षों के दौरान लगभग 34 करोड़ नए 4G और 5G ग्राहकों का संभावित बाजार देख रहा है। आकाश अंबानी के अनुसार, इनमें करीब 10 करोड़ ऐसे लोग होंगे जो पहली बार मोबाइल कनेक्शन लेंगे, जबकि लगभग 24 करोड़ ग्राहक 2G से 4G और 5G तकनीक की ओर बढ़ सकते हैं।
कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में जियो के नेट एक्टिव मोबाइल ग्राहकों की संख्या में हुई वृद्धि दूसरे सबसे बड़े ऑपरेटर की तुलना में लगभग तीन गुना रही। कंपनी इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी ग्राहक संख्या और बाजार में उपस्थिति को और मजबूत करना चाहती है।
होम ब्रॉडबैंड: 2.86 करोड़ से 10 करोड़ घरों तक पहुँचने का लक्ष्य
जियो आने वाले वर्षों में होम ब्रॉडबैंड कारोबार को अपनी वृद्धि का एक बड़ा आधार मान रहा है। कंपनी के पास फिलहाल लगभग 2.86 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक हैं और वह इस संख्या को बढ़ाकर 10 करोड़ घरों तक पहुँचाना चाहती है।
कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में देश में जुड़े कुल नए फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कनेक्शनों में जियो की हिस्सेदारी लगभग 67.5 प्रतिशत रही। आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी फाइबर और अपनी वायरलेस तकनीक के माध्यम से देश के 19,000 पिन कोड तक अपनी पहुँच बढ़ा रही है।
एंटरप्राइज और इंटरनेशनल कारोबार पर विशेष जोर
जियो का तीसरा प्रमुख ग्रोथ इंजन एंटरप्राइज डिजिटल सेवाएँ और अंतरराष्ट्रीय कारोबार है। कंपनी भारत में एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज का लगभग 5.1 लाख करोड़ रुपये यानी 56.8 अरब डॉलर का बाजार देख रही है। आकाश अंबानी के मुताबिक, देश की लगभग 65 प्रतिशत बैंक शाखाएँ जियो नेटवर्क से जुड़ी हैं।
कंपनी अपनी विकसित की गई एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक को चुनिंदा विदेशी बाजारों में भी व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है। इसकी रणनीति केवल सॉफ्टवेयर बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक टेलीकॉम कंपनियों के साथ मैनेज्ड सर्विस पार्टनर के रूप में काम करना भी है।
आकाश अंबानी ने कहा कि इस पहल से भारत को टेक्नोलॉजी आयातक से टेक्नोलॉजी निर्यातक बनने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।
ईशा अंबानी ने बताई रिलायंस की कारोबारी सोच
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत और रिलायंस की कारोबारी सोच का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कंपनी दीर्घकालिक दृष्टिकोण, बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता, मजबूत क्रियान्वयन और वित्तीय अनुशासन पर भरोसा करती है।
कार्यक्रम की शुरुआत उदय कोटक ने रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी और वर्ष 1977 में हुए रिलायंस IPO को याद करते हुए की।
जियो का नया रोडमैप मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज-इंटरनेशनल कारोबार के विस्तार पर केंद्रित है। कंपनी को उम्मीद है कि मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अपनी तकनीक के व्यावसायिक उपयोग से वह घरेलू बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नए अवसर हासिल कर सकेगी।


