
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
कला, चित्रकला और फोटोग्राफी के क्षेत्र में पांच दशक से अधिक समय से सक्रिय वरिष्ठ कलाकार एवं फोटोग्राफर मोहन पटेल की सातवीं चित्रात्मक फोटोग्राफी प्रदर्शनी 8 से 10 अक्टूबर तक बागोर की हवेली, गणगौर घाट में आयोजित होगी। रंगों की विविध अनुभूतियों को कैमरे के माध्यम से साकार करने वाली इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 8 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सेवानिवृत्त आरएएस, कलाकार एवं फोटोग्राफर दिनेश कोठारी तथा वरिष्ठ फोटो पत्रकार राकेश शर्मा ‘राजदीप’ करेंगे।
तीन दिवसीय यह प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक कला एवं फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में मोहन पटेल की चित्रात्मक फोटोग्राफी के माध्यम से रंग, प्रकाश, संरचना और दृश्य संवेदनाओं की विभिन्न रचनात्मक अभिव्यक्तियां देखने को मिलेंगी।
मोहन पटेल का कला से जुड़ाव विद्यार्थी जीवन से ही रहा है। वर्ष 1968 में माध्यमिक शिक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने अहमदाबाद के सी.एन. कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स से कमर्शियल आर्ट में डिप्लोमा किया। इसके बाद उन्होंने डीटीसी तथा ड्रॉइंग एवं पेंटिंग में भी औपचारिक शिक्षा हासिल की।
पेशेवर जीवन की शुरुआत उन्होंने अहमदाबाद के शिल्पी डिजाइन स्टूडियो में डिजाइनर के रूप में की। इसके बाद कैडिला फार्मास्यूटिकल्स में कलाकार एवं फोटोग्राफर के रूप में कार्य किया। शिल्पी एडवरटाइजिंग, मुद्रा कम्युनिकेशंस तथा वाइब्रेंट एडवरटाइजिंग जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कलाकार, विजुअलाइजर और आर्ट डायरेक्टर के रूप में वे लगभग तीन दशक तक सक्रिय रहे।
विज्ञापन जगत में लंबी पारी के दौरान भी पटेल ने चित्रकला और फोटोग्राफी के प्रति अपने रचनात्मक जुड़ाव को बनाए रखा। वे गुजरात विजुअल आर्टिस्ट्स एसोसिएशन के स्थायी सदस्य रहे हैं तथा निहारिका फोटो सोसायटी, अहमदाबाद से भी जुड़े रहे हैं। उनकी कलाकृतियां और फोटोग्राफ देश-विदेश की अनेक प्रतिष्ठित प्रदर्शनियों में प्रदर्शित हो चुके हैं।
उनके कार्यों को ललित कला अकादमी, नेशनल अकादमी दिल्ली, ऑल इंडिया सैलून इंदौर, फोटोग्राफी सोसायटी ऑफ केरल और राज्य ललित कला अकादमी लखनऊ सहित विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर स्थान मिला है। उनके छायाचित्र जाग्रेब सैलून, यूगोस्लाविया में भी प्रदर्शित हुए हैं। विभिन्न कला शिविरों एवं समूह प्रदर्शनियों में भागीदारी के साथ उन्हें अनेक सम्मान और प्रमाणपत्र भी प्राप्त हुए हैं।
आयोजकों के अनुसार यह प्रदर्शनी कला प्रेमियों के लिए फोटोग्राफी को केवल दृश्य दस्तावेज के रूप में नहीं, बल्कि रंग, प्रकाश और कल्पना की सृजनात्मक भाषा के रूप में देखने का अवसर प्रदान करेगी।
रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’


