
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
चमचमाती कारों की कतार, दमदार बाइकों की गर्जना, इलेक्ट्रिक वाहनों की आधुनिक तकनीक और बीते दौर की शाही विंटेज कारें—शनिवार को फील्ड क्लब का नजारा कुछ ऐसा ही रहा। शहर में शुरू हुए दो दिवसीय ‘रफ्तार 3.0’ ऑटो एक्सपो ने पहले ही दिन वाहन प्रेमियों से लेकर परिवारों तक को अपनी ओर आकर्षित किया। त्योहारी सीजन से पहले आयोजित इस एक्सपो में ऑटोमोबाइल की आधुनिक दुनिया और पुरानी विरासत का दिलचस्प संगम देखने को मिला।
उदयपुर लेकसिटी राउंड टेबल 206 की ओर से पीआईएमएस मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के सहयोग से आयोजित इस एक्सपो में देश-विदेश के कई प्रमुख ऑटोमोबाइल ब्रांड एक ही परिसर में नजर आए। पीआईएमएस मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल आयोजन का शीर्ष प्रायोजक है।
चार पहिया वाहनों की श्रेणी में टोयोटा, बीएमडब्ल्यू, विनफास्ट, मारुति, फॉक्सवैगन, किया, एमजी और बीवाईडी सहित विभिन्न कंपनियों के मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। नई तकनीक, आकर्षक डिजाइन और आधुनिक फीचर्स से लैस वाहनों को देखने के लिए लोगों में खास उत्सुकता रही। संभावित खरीदार अलग-अलग मॉडलों की खूबियां समझने के साथ त्योहारी ऑफर्स की जानकारी लेते नजर आए।
दोपहिया वाहनों की दुनिया भी एक्सपो में आकर्षण का केंद्र रही। हार्ले-डेविडसन, होंडा, हीरो, केटीएम, ट्रायम्फ और सुजुकी जैसे ब्रांड्स ने बाइक प्रेमियों का ध्यान खींचा। इसके साथ ही एम्पीयर सहित विभिन्न इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की मौजूदगी ने भविष्य की मोबिलिटी की झलक भी दिखाई। पेट्रोल-डीजल वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक विकल्पों को लेकर युवाओं में विशेष उत्सुकता देखने को मिली।
हालांकि एक्सपो में सबसे अधिक चर्चा विंटेज कारों की रही। वर्ष 1904 से 1955 के दौर की हेरिटेज कारों को बेहद सहेजकर प्रदर्शित किया गया है। इनमें 1925 के दौर की रोल्स-रॉयस और 1955 की डेसोटो डिप्लोमेट जैसी क्लासिक कारें आकर्षण का बड़ा केंद्र रहीं। कारों की अनूठी बनावट, भारी बॉडी, पुराने अंदाज के हेडलैंप और शाही डिजाइन को लोग लंबे समय तक निहारते रहे और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाते नजर आए।
विंटेज वाहनों को सुरक्षित रखना अपने आप में चुनौतीपूर्ण है। इनके स्पेयर पार्ट्स आसानी से उपलब्ध नहीं होते और तकनीकी खराबी आने पर विशेषज्ञ मिस्त्रियों की मदद लेनी पड़ती है। कई बार जरूरी पुर्जे विदेश से मंगवाने पड़ते हैं। ईंधन की अधिक खपत के कारण अब इनका नियमित उपयोग कम होता है, लेकिन खास आयोजनों, वेडिंग और प्री-वेडिंग शूट में इनकी मांग बनी हुई है। डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए प्रसिद्ध उदयपुर में सेलिब्रिटी और बड़े कारोबारी परिवार भी ऐसी कारों को खास पसंद करते हैं।
राउंड टेबल के चेयरमैन मोहित सिंघवी ने कहा कि ‘रफ्तार’ अब केवल वाहनों की प्रदर्शनी नहीं रह गया है, बल्कि यह ऑटोमोबाइल, मनोरंजन और सामाजिक सरोकारों को जोड़ने वाला आयोजन बन चुका है। सचिव दीपक जोधावत ने बताया कि एक्सपो को इस तरह तैयार किया गया है कि परिवार का हर सदस्य यहां कुछ न कुछ अपने लिए पा सके।
इसी वजह से गेमिंग जोन, फूड जोन और बच्चों की मनोरंजक गतिविधियों ने भी माहौल को जीवंत बनाए रखा। नई पीढ़ी के इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर करीब एक सदी पुरानी कारों तक, ‘रफ्तार 3.0’ ने एक ही परिसर में ऑटोमोबाइल के बदलते सफर को सामने रखा। त्योहारी खरीदारी से पहले शहरवासियों के लिए यह एक्सपो वाहन देखने, समझने और मनोरंजन का खास ठिकाना बन गया है।
रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’


