
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की स्वर लहरियों, भारत माता के जयकारों और स्वदेशी को जीवनशैली का हिस्सा बनाने के संकल्प के बीच शुक्रवार को आरसीए मैदान में चार दिवसीय ‘सांसद स्वदेशी इंडस्ट्रियल एक्सपो’ का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन के साथ ही उद्योग, हस्तशिल्प, कृषि, स्थानीय उत्पादों और नवाचारों से सजा यह मंच मेवाड़ की आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता की तस्वीर पेश करता नजर आया।
मुख्य अतिथि जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि आकर्षक पैकेजिंग के प्रभाव में अपनी पारंपरिक और गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं को पीछे छोड़ना उचित नहीं है। हमारी पारंपरिक वस्तुएं स्वास्थ्य और गुणवत्ता की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रही हैं। उन्होंने कहा कि अब समय है कि समाज केवल ‘मैं और मेरा परिवार’ की सोच से आगे बढ़कर देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करे। भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने स्वयं को विश्वगुरु घोषित नहीं किया, बल्कि दुनिया ने उसकी ज्ञान-समृद्धि को पहचानकर यह सम्मान दिया।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने एक्सपो को मेवाड़ के हुनर, व्यवसाय, स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने वाला मंच बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के भारत मंडपम की तर्ज पर उदयपुर में ‘मेवाड़ मंडपम’ स्थापित करने की दिशा में प्रस्ताव आगे बढ़ाया जा चुका है। सामूहिक प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय स्तर के कन्वेंशन सेंटर का यह सपना साकार करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने युवाओं से स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को उद्यम में बदलने का आह्वान भी किया।
महापौर पारस सिंघवी ने स्वदेशी को राष्ट्रीय स्वाभिमान से जोड़ते हुए कहा कि नगर निगम स्थानीय स्वदेशी उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता देने का प्रयास करेगा। शहर विधायक ताराचंद जैन ने आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी को मूल आधार बताया। एमपीयूएटी के कुलपति डॉ. प्रताप सिंह ने जैविक अनुसंधान और स्थानीय हुनर को बाजार से जोड़ने पर जोर दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने एक्सपो को ‘विकसित मेवाड़’ की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
संयोजक मनोज जोशी ने स्वागत उद्बोधन में मेवाड़ मंडपम जैसे बड़े कन्वेंशन सेंटर की आवश्यकता रेखांकित की। इससे पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मौली बंधन खोलकर अतिथियों ने एक्सपो परिसर में प्रवेश किया। एमडीएस स्कूल के 150 विद्यार्थियों ने संपूर्ण ‘वंदे मातरम’ प्रस्तुत कर वातावरण को देशभक्ति से भर दिया।
आरसीए मैदान में बनाए गए कुंभा, भामाशाह और अहिल्याबाई डोम पहले ही दिन दर्शकों से भर उठे। यहां पारंपरिक हस्तशिल्प से लेकर हाईटेक औद्योगिक उत्पाद, उन्नत कृषि तकनीक और श्रीअन्न उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे। फतह स्कूल से संचालित नि:शुल्क ‘पिंक परी क्लब’ महिला ई-रिक्शा सेवा ने भी महिला आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।
चार दिवसीय एक्सपो 5 अक्टूबर तक आमजन और भावी उद्यमियों के लिए खुला रहेगा।
रिपोर्ट: यौवन्तराज माहेश्वरी


