
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
प्रताप गौरव केंद्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में आयोजित दस दिवसीय ‘दिवेर विजय महोत्सव’ का शनिवार को विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं के सम्मान के साथ समापन हुआ। समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि हल्दीघाटी और दिवेर की गौरवगाथा से नई पीढ़ी को जोड़ना जरूरी है। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने महाराणा प्रताप को स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया। समिति अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने दिवेर विजय को मेवाड़ के इतिहास की युगांतरकारी घटना बताया।
समारोह में आयोजित राज्य स्तरीय भाषण प्रतियोगिता में भीलवाड़ा के युवराज सिंह राठौड़ ने प्रथम, जयपुर की रिफा उरुज ने द्वितीय और बीकानेर की संजू कंवर रावलोत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रियंका और महिपाल सिंह को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
निबंध प्रतियोगिता के महाविद्यालय वर्ग में प्रीतम सेवक प्रथम, अजय नागदा द्वितीय और दीक्षिता कुंवर तृतीय रहे। विद्यालय वर्ग में चेतना कुंवर प्रथम, खुशबू कुंवर द्वितीय और शोभा भोई तृतीय रहीं। मुक्त श्रेणी में विशाल पालीवाल प्रथम, चतुर्भुज गायरी द्वितीय और सीमा कुमारी तृतीय रहीं। पिंकी गायरी और मुकेश तेली ने क्रमशः चौथा और पांचवां स्थान प्राप्त किया।
रील मेकिंग प्रतियोगिता में यशिता जैन प्रथम, आकांक्षा जैन द्वितीय और निर्मल नागदा तृतीय रहे। राजकुमारी सुथार और अजय नागदा को सांत्वना पुरस्कार मिला। पोस्टर प्रतियोगिता में हर्षा सोनी प्रथम, अविनाश पाटीदार द्वितीय और कृष गुनपाल तृतीय रहे। निधि भोई और कैलाश पालीवाल को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
मोबाइल फोटोग्राफी प्रतियोगिता में दिव्यांगना राणावत ने प्रथम, योवन्तराज माहेश्वरी ने द्वितीय और रिमझिम शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। लक्षित लोहार, अजय नागदा और विशाल सिंह शक्तावत को सांत्वना पुरस्कार मिला। कैमरा श्रेणी में डॉ. सी.पी. जैन ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
चित्रकला प्रतियोगिता के महाविद्यालय वर्ग में हर्षिता प्रजापत, जागृति पटेल, अजय लोहार, तारिका माली और ललित रेगर को श्रेष्ठ प्रतिभागी चुना गया। विद्यालय वर्ग में आराध्य सिंह राठौड़, जिया परमार, आकांक्षा रागी, मोनिल औदिच्य और कृष्टि चौहान श्रेष्ठ प्रतिभागी रहे।
समारोह के दौरान ‘दिवेर का रणघोष’ नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया। वहीं पद्मिनी सभागार में राष्ट्रीय चित्रकला कार्यशाला के दौरान तैयार की गई कलाकृतियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।
रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’


