
मदुरै | शाबाश इंडिया।
मदुरै प्रवासी एवं मरुधर में पादरू निवासी नितेश कुमार, सुपुत्र डूंगरचंदजी भंसाली ने 11 उपवास की कठिन तपस्या पूर्ण कर धर्म के प्रति अपनी आस्था, संयम और आत्मबल का परिचय दिया। इस पावन अवसर पर भंसाली परिवार की ओर से स्थानीय आराधना भवन में सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
समारोह में श्रीसंघ के वरिष्ठजनों एवं गणमान्य नागरिकों ने तपस्वी नितेश भंसाली का माला एवं शाही दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया तथा उनकी तपस्या की अनुमोदना की। उपस्थित समाजजनों ने तपस्वी के संयम, त्याग और साधना के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल आध्यात्मिक जीवन की मंगलकामना की।
इस अवसर पर मोहनलाल तातेड़, सायरमल भंडारी, बिंजराज श्रीश्रीमाल, भागचंद बाफना, शांतिलाल गुलेच्छा, अमृत चौपड़ा, दिनेश सालेचा सहित नगर के गणमान्यजन एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।
श्रीसंघ प्रवक्ता दिनेश सालेचा ने बताया कि जैन धर्म में तपस्या आत्मशुद्धि और संयम का महत्वपूर्ण साधन मानी गई है। 11 उपवास की तपस्या पूर्ण करना तपस्वी के दृढ़ संकल्प और साधना का प्रतीक है। समारोह में उपस्थित समाजजनों ने तपस्वी नितेश भंसाली के तप की हृदय से अनुमोदना करते हुए उनके एवं परिवार के प्रति मंगलभावना व्यक्त की और धर्ममय जीवन की शुभकामनाएं दीं।


