Tuesday, September 8, 2026

जयपुर निवासी युवा समाजसेवी विनोद जैन कोटखावदा को विमल कीर्ति राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित

गाजियाबाद | शाबाश इंडिया।

वाक्केशरी आचार्य 108 विनिश्चय सागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में गणाचार्य 108 विरागसागर महाराज के द्वितीय समाधि दिवस के अवसर पर आयोजित ‘गणाचार्य विरागसागर पुरस्कार-2026’ समारोह में जयपुर निवासी एवं राजस्थान जैन सभा जयपुर के उपाध्यक्ष, राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री तथा युवा समाजसेवी विनोद जैन ‘कोटखावदा’ को ‘विमल कीर्ति राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।

विनोद जैन कोटखावदा को यह सम्मान जैन धर्म, जैन संस्कृति एवं जिनवाणी के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों और उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया। उन्हें सम्मान स्वरूप 21 हजार रुपये की नगद राशि, मेडल, शाल-श्रीफल, प्रतीक चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। विनोद जैन ने प्राप्त नगद राशि चातुर्मास समिति, गाजियाबाद को भेंट कर दी।

पुरस्कार समारोह का आयोजन अखिल भारतीय विनिश्चय ग्रुप के तत्वावधान में श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, कविनगर, गाजियाबाद द्वारा किया गया। समारोह में समाजसेवा, विद्वत्ता, शोध-अनुसंधान, त्यागी-व्रतियों की सेवा तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले छह व्यक्तित्वों को गणाचार्य विरागसागर पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया।

समारोह में भारत गौरव गणाचार्य पुरस्कार श्रीमती मंजू जैन पाटनी, कोलकाता को प्रदान किया गया। श्रीमती पाटनी ने वर्ष 2019 में आचार्य 108 विरागसागर महाराज के चातुर्मास के दौरान चार माह तक चौका लगाकर साधु-संतों की सेवा की तथा विरागोदय तीर्थ के विकास में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

विमल कीर्ति विद्वत पुरस्कार प्रतिष्ठाचार्य पवन जैन दीवान, सागर को, विमल कीर्ति शोध-अनुसंधान पुरस्कार डॉ. अल्पना अशोक मोदी, ग्वालियर को, समाज सेवा पुरस्कार ब्रह्मचारिणी विनीता दीदी, डिप्टी कलेक्टर, निवाड़ी को तथा विमल कीर्ति त्यागी-व्रती सेवा पुरस्कार ब्रह्मचारिणी शशी दीदी, गन्नौर, पन्ना को प्रदान किया गया।

समारोह में अखिल भारतीय विनिश्चय ग्रुप के अध्यक्ष राजीव जैन सिर्स, झांसी के पुत्र राही जैन सिर्स, कवयित्री अंजू जैन, दैनिक भास्कर से हिमांशु तथा उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कैप्टन विकास गुप्ता के प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जयपुर, रामगंज मंडी, भीलवाड़ा, भिंड, कोलकाता, दिल्ली सहित गाजियाबाद के बड़ी संख्या में जैन बंधुओं ने समारोह में सहभागिता की।

कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गणाचार्य श्री 108 विरागसागर महाराज के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते हुए उनके आध्यात्मिक एवं सामाजिक अवदान को नमन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशीष कुमार जैन बम्हौरी ने किया। उन्होंने पुरस्कारों की गरिमा एवं गणाचार्य विरागसागर महाराज के जीवनादर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सेवा, साधना, विद्वत्ता और समर्पण की भावना को प्रेरित करते हैं।

समारोह के अंत में वाक्केशरी आचार्य 108 विनिश्चय सागर महाराज का मंगल प्रवचन हुआ। आचार्यश्री ने गणाचार्य विरागसागर महाराज की साधना, त्याग एवं समाज के प्रति उनके योगदान का स्मरण करते हुए उपस्थित जनसमुदाय को धर्म, संयम, सेवा और संस्कारों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में मुनि प्रांजल सागर एवं मुनि प्रत्यक्ष सागर महाराज का निर्देशन प्राप्त हुआ।

चातुर्मास समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद्र जैन, महामंत्री प्रदीप जैन, संयोजक निखिल जैन, आर.सी. जैन सहित समस्त पदाधिकारियों ने पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं का शाल, श्रीफल, माला, मोमेंटो, प्रशस्ति-पत्र एवं सम्मान राशि प्रदान कर सम्मान किया।

जयपुर चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट

इस अवसर पर आचार्य विनिश्चय सागर महाराज ससंघ के जयपुर प्रवास एवं चातुर्मास के लिए राजस्थान जैन युवा महासभा जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन कोटखावदा के नेतृत्व में जयपुरवासियों ने श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान श्योपुर प्रतापनगर जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष अशोक बाकलीवाल, मुनि भक्त सुरेंद्र हल्दनिया, अंकित बाकलीवाल, मैना देवी कासलीवाल, मुन्ना देवी वैद, दीपिका जैन कोटखावदा, सुनीता हल्दनिया, अंजना बाकलीवाल, दिव्या बाकलीवाल, देवांश बाकलीवाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इस मौके पर राजस्थान जैन सभा जयपुर द्वारा प्रकाशित ‘महावीर जयंती स्मारिका-2026’ भी आचार्यश्री को भेंट की गई।

गणाचार्य विरागसागर पुरस्कार-2026 के संयोजक डॉ. आशीष कुमार जैन बम्हौरी ने बताया कि गणाचार्य विरागसागर महाराज के आशीर्वाद एवं वाक्केशरी श्रमणाचार्य विनिश्चय सागर महाराज की प्रेरणा से स्थापित अखिल भारतीय विनिश्चय ग्रुप द्वारा जिनवाणी के प्रचार-प्रसार में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले तथा श्रमण परंपरा के उन्नयन में योगदान देने वाले विद्वानों, पत्रकारों, जैन विद्या के अनुसंधानकर्ताओं, समाजसेवियों, व्रती-सेवकों एवं विधिक राष्ट्र सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं के सम्मान के लिए वर्ष 2025 में इन पुरस्कारों की स्थापना की गई थी।

राजस्थान जैन सभा जयपुर के उपाध्यक्ष विनोद जैन कोटखावदा एवं महामंत्री मनीष बैद ने बताया कि ये पुरस्कार गणाचार्य विरागसागर महामुनिराज के समाधि दिवस के अवसर पर प्रतिवर्ष प्रदान किए जाते हैं।

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