
जयपुर | शाबाश इंडिया।
हाथ-पैर कांपना कई कारणों से हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ कंपकंपी की समस्या कुछ लोगों में देखने को मिलती है, लेकिन कम उम्र में बार-बार हाथ कांपना, कमजोरी या शरीर में असामान्य कंपन महसूस होना हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि हाथ कांपना केवल विटामिन बी12 या विटामिन डी की कमी का निश्चित संकेत नहीं है। इसके पीछे तनाव, अधिक कैफीन, कुछ दवाएं, थायरॉइड संबंधी समस्या, रक्त शर्करा में कमी, न्यूरोलॉजिकल स्थितियां या अन्य कारण भी हो सकते हैं।
विटामिन बी12 और डी क्यों जरूरी हैं?
विटामिन बी12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, डीएनए निर्माण और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कमी होने पर कमजोरी, थकान, हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्नपन तथा संतुलन संबंधी परेशानी जैसे लक्षण हो सकते हैं।
विटामिन डी हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कमी से मांसपेशियों में कमजोरी और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
इसलिए यदि लगातार कंपकंपी या कमजोरी महसूस हो रही है तो केवल विटामिन की कमी मानकर स्वयं दवा या सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है। चिकित्सक आवश्यकता के अनुसार जांच की सलाह दे सकते हैं।
विटामिन बी12 के स्रोत
विटामिन बी12 मुख्य रूप से दूध और डेयरी उत्पाद, अंडे, मछली, मांस और अन्य पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। शाकाहारी लोगों में बी12 की पर्याप्त मात्रा प्राप्त करने के लिए फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ उपयोगी हो सकते हैं।
अंडे भी विटामिन बी12 का एक स्रोत हैं। हालांकि किसी खाद्य पदार्थ में मौजूद बी12 की मात्रा उसके प्रकार और मात्रा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
विटामिन डी के स्रोत
विटामिन डी प्राप्त करने का प्रमुख प्राकृतिक तरीका सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आना है। इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थों और फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों से भी विटामिन डी प्राप्त किया जा सकता है। मशरूम की कुछ किस्मों में भी विटामिन डी पाया जाता है।
दूध, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद प्रोटीन और कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं, लेकिन इनमें विटामिन डी की मात्रा उत्पाद के फोर्टिफिकेशन पर निर्भर करती है।
रोजाना कितने विटामिन बी12 की जरूरत?
सामान्य पोषण संबंधी अनुशंसाओं के अनुसार वयस्कों को प्रतिदिन लगभग 2.4 माइक्रोग्राम विटामिन बी12 की आवश्यकता होती है। गर्भावस्था में यह आवश्यकता लगभग 2.6 माइक्रोग्राम तथा स्तनपान के दौरान लगभग 2.8 माइक्रोग्राम प्रतिदिन हो सकती है। बच्चों की आवश्यकता उम्र के अनुसार अलग-अलग होती है।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि हाथ लगातार कांप रहे हों, कंपकंपी बढ़ रही हो, हाथ-पैर में सुन्नपन या झुनझुनी हो, चलने में परेशानी हो, अत्यधिक कमजोरी महसूस हो या दैनिक कार्य प्रभावित होने लगें तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
अचानक हाथ-पैर कांपने के साथ बोलने में परेशानी, चेहरे या शरीर के एक हिस्से में कमजोरी, बेहोशी, तेज सिरदर्द या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सा सहायता लें।
महत्वपूर्ण: हाथ कांपना केवल विटामिन बी12 या विटामिन डी की कमी का प्रमाण नहीं है। सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच आवश्यक हो सकती है। डॉक्टर की सलाह के बिना विटामिन की हाई-डोज सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी भी बीमारी, विटामिन की कमी या लगातार कंपकंपी की स्थिति में योग्य चिकित्सक से परामर्श लें।

डा. पीयूष त्रिवेदी
शासन सचिवालय, जयपुर


