
जयपुर | शाबाश इंडिया।
सार्थक सेवा संस्थान की ओर से भारत माता सर्कल स्थित हवाई जहाज रेस्टोरेंट में लहरिया महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 170 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। रंग-बिरंगी पारंपरिक लहरिया पोशाकों में सजी महिलाओं ने सावन के रंगों और राजस्थान की संस्कृति की खूबसूरत झलक पेश की।
कार्यक्रम का शुभारंभ सार्थक सेवा संस्थान परिवार द्वारा गणेश पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। पूनम शर्मा ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। संस्थान की अध्यक्ष पुष्पा वशिष्ठ ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रैंप वॉक रहा। इसमें जज के रूप में ओनारिका, रश्मि तथा सार्थक सेवा संस्थान की आजीवन सदस्य सोनिया अग्रवाल ने भूमिका निभाई। रैंप वॉक में वर्तिका विजयवर्गीय को लहरिया क्वीन का खिताब दिया गया।
सोलो डांस प्रतियोगिता में मीरा शर्मा ने प्रथम, नीतू शर्मा ने द्वितीय तथा मधु सिंघल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं युगल नृत्य में पूजा खत्री और उनकी बेटी दीवा खत्री विजेता रहीं। सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि बसंत जैन बैराठी, चेयरमैन, सरस्वती प्रिंटिंग ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज द्वारा प्रायोजित ट्रॉफियां प्रदान की गईं।
कार्यक्रम में अंशु शर्मा काला, अंकित मिस फोटोजेनिक-2025, आदित्य सुमन चौहान ग्लैम मिस राजस्थान तथा प्रियंका वर्मा, ब्रांड एंबेसडर प्रकृति फाउंडेशन सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। चॉक एंड डस्टर की प्रिंसिपल प्रिया आर्य ने प्रतिभागियों को उपहार प्रदान किए।
कार्यक्रम का संचालन सीमा वालिया ने किया। इस दौरान संस्कृति एवं मनोरंजन से जुड़े रोचक प्रश्न भी पूछे गए। संस्थान की सदस्य कानन बालाभट्ट, मीना शर्मा, नीतू पारिख, गरिमा जैन, मनु शर्मा, संजू जैन, अंजना एवं ज्योति प्रधान ने सही उत्तर देने वाली महिलाओं को उपहार प्रदान किए।
संस्थान की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित सबसे अधिक उम्र की प्रतिभागी लता तिवारी का सम्मान किया गया। साथ ही कार्यक्रम में शामिल सभी बच्चियों को उपहार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सार्थक सेवा संस्थान की सह-संस्थापक बिंदिया शर्मा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, विजेताओं, टीम सदस्यों, निर्णायकों, फोटोग्राफरों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में भी संस्कृति, महिला सहभागिता और समाजसेवा से जुड़े ऐसे आयोजन करता रहेगा।
मुख्य अतिथि बसंत जैन ने आयोजकों एवं प्रतिभागियों को राजस्थान की संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने तथा समाजसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने के लिए बधाई दी। उन्होंने भविष्य में हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।


