
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
स्वरिदम म्यूजिक अकादमी के प्रथम कराओके सिंगिंग समारोह में संगीत की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रोताओं का मन मोह लिया। नवोदित गायकों ने अपनी सुरीली आवाज, भावपूर्ण अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुतियों के माध्यम से ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार देर तक तालियों की गूंज से गूंजता रहा।
समारोह में अकादमी के करीब 20 विद्यार्थियों ने बॉलीवुड गीतों, भजनों एवं शास्त्रीय संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। प्रेम, उल्लास और भक्ति से ओत-प्रोत गीतों के साथ शास्त्रीय संगीत की गंभीरता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। पहली बार मंच पर उतरे प्रतिभागियों ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए व्यवसायी दिनेश वेलावत ने केक काटकर सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर संगीत शिक्षक एवं निदेशक धीरज शर्मा तथा किशन नाथ चौहान ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और उपस्थित अतिथियों को संबोधित किया।
समारोह में दिनेश जैन, अरविंद सिंह थापा, सावन जैन, बसंत यादव, राजेश अमेरिया, दीपक व्यास, गजेंद्र सोनी, मुकेश खुबचंदानी, सौरव नामा, डी.सी. कुमावत, डॉ. दीपा मिश्रा और नारायणी रावल ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। वहीं बाल कलाकार यशी चौहान और नेहल शर्मा ने अपनी मधुर एवं आत्मीय प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया।
निदेशक धीरज शर्मा ने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और आत्मअनुशासन की साधना है। विद्यार्थियों को मंच का अनुभव प्रदान करना, उनकी झिझक दूर करना और आत्मविश्वास विकसित करना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य रहा।
किशन नाथ चौहान ने बताया कि अकादमी में गिटार, कीबोर्ड, हारमोनियम, ड्रम, कांगो, तबला एवं ढोलक सहित विभिन्न वाद्ययंत्रों का प्रशिक्षण दिया जाता है। साथ ही बॉलीवुड, शास्त्रीय, कराओके, भजन एवं कीर्तन गायन की शिक्षा भी दी जाती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसी संगीतमय संध्याओं के माध्यम से उदयपुर की प्रतिभाओं को मंच और नई पहचान प्रदान की जाएगी।


