
जयपुर | शाबाश इंडिया।
गणधराचार्य 108 श्री विराग सागर जी महाराज एवं पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावी शिष्य परम पूज्य मुनि श्री 108 विश्वविजय सागर जी महाराज का नवम पावन वर्षायोग चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, पारस विहार, मुहाना मंडी, जयपुर में श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ प्रारंभ हुआ। समारोह में सकल जैन समाज जयपुर के पदाधिकारियों, समाजसेवियों, मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में गुरु भक्तों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
समिति अध्यक्ष पवन जैन गोदिका ने बताया कि प्रतिष्ठाचार्य श्री सुरेंद्र कुमार सलूम्बर के कुशल निर्देशन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य संपूर्ण कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित एवं भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुआ। मंत्री प्रमोद बाकलीवाल ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ आध्या नव्या जैन द्वारा मंगलाचरण से हुआ।
प्रचार संयोजक राकेश गोदिका ने बताया कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं की व्यापक सहभागिता ने आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। गुरुदेव के प्रेरणादायी प्रवचनों ने धर्मसभा में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति एवं भाव-विभोर कर दिया।
समारोह में ध्वजारोहण का सौभाग्य श्री शेखर जैन एवं श्रीमती सीमा जैन (द्रोण), जवाहर नगर, जयपुर को प्राप्त हुआ। चित्र अनावरण सेवानिवृत्त आईपीएस श्री वीरेन्द्र गोदिका तथा सेवानिवृत्त प्रोफेसर इन्द्रप्रभ जैन ने किया। दीप प्रज्ज्वलन श्री पारस जैन, नगर फोर्ट (टोंक) द्वारा सम्पन्न हुआ।
उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र गोदिका ने बताया कि प्रथम सम्यक दर्शन कलश स्थापना का सौभाग्य राजेन्द्र कुमार–रानी देवी दिव्यांश जैन परिवार (मुरैना) को प्राप्त हुआ। द्वितीय सम्यक ज्ञान कलश वीरेंद्र कुमार–मधु सेठी परिवार (ब्यावर) तथा तृतीय सम्यक चारित्र कलश श्री ज्ञानचंद–आशीष सोगानी परिवार (सांगानेर) द्वारा स्थापित किया गया।
गुरुदेव की पाद प्रक्षालन का सौभाग्य महेन्द्र जैन–उषा जैन, राहुल–कीर्ति एवं आर्जव-आराध्य भोंच परिवार (बस्सी) को प्राप्त हुआ। शास्त्र भेंट अशोक जी एवं चंदनबाला जी बड़जात्या (मालवीय नगर, जयपुर) द्वारा की गई।
कोषाध्यक्ष वीरेंद्र सेठी ने बताया कि समारोह में 61 पवित्र कलशों की स्थापना का सौभाग्य समाज के अनेक श्रद्धालु परिवारों को प्राप्त हुआ। आयोजन की सफलता में वर्षायोग समिति के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
समारोह में जयपुर शहर की विभिन्न कॉलोनियों तथा आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गुरु भक्तों ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया। अंत में वर्षायोग समिति ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया।


