Tuesday, August 4, 2026

धर्म जागृति संस्थान ने जैन पहचान, संस्कार और धर्म संरक्षण का किया आह्वान

कोलकाता | शाबाश इंडिया।

बंगबासी दक्षिण हावड़ा जैन समाज एवं साधु सेवा समिति, कोलकाता के तत्वावधान में विवेक विहार स्थित हावड़ा मिल्स क्लब हाउस परिसर में प्राकृत भाषा चक्रवर्ती परम पूज्य आचार्य श्री 108 वसुनंदी महामुनिराज ससंघ के 39वें वर्षायोग कलश स्थापना महोत्सव का आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा एवं झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।

इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय धर्म जागृति संस्थान (राजस्थान प्रान्त) के अध्यक्ष पदम जैन बिलाला (जयपुर) के नेतृत्व में राजस्थान प्रान्त के पदाधिकारी, विभिन्न शाखाओं के प्रतिनिधि तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। आचार्य श्री वसुनंदी महाराज के पावन सान्निध्य में संस्थान ने जैन धर्म के संरक्षण, संस्कार संवर्धन एवं समाज की एकता के लिए व्यापक जनजागरण का आह्वान किया।

संस्थान के संयुक्त महामंत्री संजय जैन बड़जात्या (कामा) ने बताया कि युवाओं को संस्कारवान बनाकर समाज की मजबूती के लिए कार्य करने का संकल्प लिया गया। प्रत्येक जैन से अपने नाम के साथ “जैन” उपनाम लिखने तथा जन्म प्रमाण-पत्र, विद्यालयी अभिलेखों एवं अन्य सरकारी दस्तावेजों में धर्म के स्थान पर “जैन” अंकित कराने का आग्रह किया गया।

संस्थान के कोषाध्यक्ष पंकज जैन लुहाड़िया ने समाज से विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कारों में जैन परंपराओं के संरक्षण पर बल देते हुए युवाओं एवं परिवारों में जैन संस्कृति और अहिंसा के संस्कारों के प्रचार-प्रसार का आह्वान किया।

कार्यक्रम में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रति जागरूक रहने, संतों के विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जनगणना में धर्म के कॉलम में “जैन” अंकित करने का विशेष आग्रह किया गया। साथ ही प्रत्येक जैन मंदिर, संस्था एवं देवस्थान का विधिवत पंजीकरण कराने, उनकी संपत्तियों के अभिलेख सुरक्षित रखने तथा भूमि का सीमांकन कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

वक्ताओं ने कहा कि धर्म, देव, शास्त्र एवं गुरु की रक्षा के लिए समाज को संगठित होकर कार्य करना होगा। संस्कारवान समाज ही सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है और जैन पहचान को सशक्त बनाए रखना समय की आवश्यकता है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय पदाधिकारी योगेश जैन, ई. भूपेन्द्र जैन, राजकुमार सरावगी, निकुंज जैन, नीरज जैन तथा संरक्षक आर.सी. गर्ग, ओमप्रकाश काला, राकेश माधोराजपुरा, सुरेन्द्र जैन बालोतरा, महावीर जैन (पाली), संजय सर्राफ (कामा), निकिता जैन (जयपुर), बीना जैन, पवन सेठी, बबलू जैन, जिनेन्द्र जैन एवं निर्मला जैन सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर संस्थान की स्मारिका का भी विमोचन किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री वसुनंदी महाराज के सान्निध्य में धर्म रक्षा, संस्कार संवर्धन, सामाजिक एकता एवं जैन पहचान को सशक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

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