
लार | शाबाश इंडिया।
बुंदेलखंड के प्रसिद्ध श्री 1008 दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र अहारजी में परम पूज्य छाटी परंपरा के सप्तम पट्टाधीश राष्ट्रसंत आचार्य श्री विवेक सागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में चातुर्मास मंगल कलश स्थापना समारोह श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ आयोजित किया गया। आयोजन सिद्ध क्षेत्र अहारजी कमेटी एवं सकल दिगंबर जैन समाज के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का संचालन पंडित चक्रेश शास्त्री (चक्रेश सोजना) ने किया। समारोह का शुभारंभ आचार्य सुमति सागर महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके पश्चात सिद्ध क्षेत्र कमेटी एवं सकल दिगंबर जैन समाज की ओर से आचार्य श्री विवेक सागर जी महाराज ससंघ को श्रीफल भेंट कर चातुर्मास मंगल कलश स्थापना का निवेदन किया गया। कार्यक्रम में आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट की गई तथा श्रद्धालुओं ने अष्टद्रव्यों से पूजन कर श्रद्धाभावपूर्वक अर्घ्य समर्पित किए।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री विवेक सागर जी महाराज ने कहा कि चातुर्मास केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मकल्याण, संयम और साधना का स्वर्णिम अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में सूक्ष्म जीवों की रक्षा और अहिंसा के पालन के लिए संत एक स्थान पर रहकर तप, स्वाध्याय और साधना करते हैं। यही चातुर्मास का वास्तविक संदेश है।
आचार्य श्री ने कहा कि कलश पवित्रता, समृद्धि और आत्मशुद्धि का प्रतीक है। वास्तविक कलश स्थापना तभी सार्थक होती है, जब मनुष्य अपने अंतर्मन को ज्ञान, वैराग्य और सदाचार से परिपूर्ण करे। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, संयम और आत्मचिंतन को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुए मंगल कलश स्थापना समारोह में अशोक जैन, जिनेंद्र जैन, रमेश कुमार जैन, नाथूराम जैन, डॉ. फेरन लाल एवं प्रकाश जैन को मंगल कलश स्थापना का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर महेंद्र सिंघई, राजकुमार पाठा, अजीत वैसा, दिनेश लार, सुभाष करैया, वीरेंद्र सपोन, महेंद्र डिकोली सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


