
इंदौर | शाबाश इंडिया।
राजकीय अतिथि एवं राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि “जो किसी का नहीं होता, वही सबका होता है। प्रकृति किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि की है। जिस प्रकार हवा, जल और प्रकृति सबके लिए हैं, उसी प्रकार साधु भी किसी एक व्यक्ति के नहीं, बल्कि समस्त समाज के होते हैं।”
सुमित धाम, गौधा स्टेट में आयोजित विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री ने कहा कि यदि किसी नगर में गुरु का आगमन होता है तो वह नगर सौभाग्यशाली बन जाता है। साधु किसी एक घर के लिए नहीं निकलते, बल्कि समाज के कल्याण के लिए विहार करते हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर में चातुर्मास साधु को नहीं, बल्कि समाज को कराना है। श्रद्धालुओं का समर्पण ही चातुर्मास को सफल और ऐतिहासिक बनाता है।
मध्यप्रदेश महासभा के संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि परम पूज्य मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ अठारह पिच्छिकाओं के साथ शुक्रवार को मालवा प्रांत के प्रमुख तीर्थ अतिशय क्षेत्र गोमटगिरि में मंगल विहार करेंगे। यहां धर्मसभा एवं जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम आयोजित होगा। शनिवार, 26 जुलाई को बड़े गणपति से इंदौर नगर में भव्य चातुर्मासिक मंगल प्रवेश होगा।
सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से नवीन गौधा ने कहा कि वर्षों की प्रतीक्षा के बाद समाज को यह सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। 26 जुलाई को सकल जैन समाज मुनिश्री ससंघ की भव्य अगवानी करेगा तथा सभी के सामूहिक प्रयास से इस चातुर्मास को ऐतिहासिक बनाया जाएगा।
प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया ने कहा कि धर्मकार्य में किसी को निमंत्रण नहीं दिया जाता, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर सहभागिता करनी चाहिए। जैसे परिवार में बारात के स्वागत के लिए सभी उत्साहपूर्वक तैयार रहते हैं, उसी प्रकार धर्मकार्य में भी प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता ही चातुर्मास की सफलता का आधार बनेगी।
धर्मसभा के उपरांत मुनि संघ का मंगल विहार गोमटगिरि अतिशय क्षेत्र के लिए संपन्न हुआ। इस अवसर पर सपना-मनीष गौधा, रानी-अशोक जोशी, धर्मेन्द्र जैन, नवीन गौधा, आकाश जैन, आनंद गौधा, हर्ष जैन, जिनेश झांझरी, अक्षय कासलीवाल, कैलाश जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं विभिन्न जैन मंदिर समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


