Saturday, October 24, 2026

राष्ट्रीय

उत्तम आकिंचन्य धर्म : अंतस की आज़ादी और ‘मेरेपन’ से मुक्ति का मार्ग

मालेगांव | शाबाश इंडिया। दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर जैन दर्शन के नवें एवं अत्यंत व्यावहारिक धर्म—उत्तम आकिंचन्य धर्म—पर चिंतन आवश्यक है। आकिंचन्य का...

उत्तम आकिंचन्य : ‘मैं’ और ‘मेरेपन’ से मुक्त होने की साधना

ललितपुर | शाबाश इंडिया। दशलक्षण महापर्व, नौवां दिन, 24 सितंबर पर विशेष संसार की भीड़ में रहते हुए भी आत्मा की एकाकी यात्रा को पहचानना ही...

नीचे बैठने वाला ही ऊपर उठता है, विनम्रता से ही उच्च गोत्र का बंध होता है : मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी

इंदौर | शाबाश इंडिया। दलाल बाग मैदान में चल रहे विशाल श्रावक संस्कार शिविर में शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रसंत एवं राजकीय अतिथि मुनि...

काठमांडू जैन मंदिर में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई भक्तामर दीप की महाअर्चना

काठमांडू | शाबाश इंडिया। परम पूज्य आचार्य श्री विभव सागरजी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से दसलक्षण महापर्व के दौरान नेपाल की पावन धरा पर...

उत्तम त्याग : छोड़ने में ही जीवन की सच्ची समृद्धि

ललितपुर | शाबाश इंडिया। दसलक्षण-पर्यूषण महापर्व का आठवां दिन उत्तम त्याग धर्म की आराधना को समर्पित है। मनुष्य जीवन में पाने की आकांक्षा जितनी प्रबल...

इच्छाओं पर नियंत्रण और मन की उछलकूद रोकना ही उत्तम तप : आचार्य प्रसन्न सागरजी

सोनकच्छ | शाबाश इंडिया। पर्वों के पर्वराज दशलक्षण महापर्व के सातवें चरण उत्तम तप के अवसर पर पुष्पगिरी तीर्थ, सोनकच्छ में धर्मसभा का आयोजन हुआ।...

जगत के स्वरूप को जानना ही नहीं, सुख के साथ दुःख को भी जानो : राष्ट्रसंत मुनि पुंगव सुधासागरजी

इंदौर | शाबाश इंडिया। दलाल बाग मैदान में चल रहे विशाल अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर में राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने शिविरार्थियों...

ऐसा कोई काम मत करना जिससे देश बदनाम हो, अपने देश के लिए कुछ करो : राष्ट्रसंत मुनि पुंगव सुधासागर जी

इंदौर | शाबाश इंडिया। दलाल बाग मैदान में चल रहे विशाल अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर की धर्मसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रसंत, राजकीय अतिथि...

दुःख के आंसू नहीं, पश्चाताप के आंसू आने चाहिए : राष्ट्रसंत मुनि पुंगव सुधासागर जी

इंदौर | शाबाश इंडिया। दलाल बाग मैदान, इंदौर में आयोजित अखिल भारतीय श्रावक संस्कार शिविर में देशभर से आए शिविरार्थी धार्मिक एवं जीवनोपयोगी संस्कार ग्रहण...

उत्तम शौच धर्म: आंतरिक पवित्रता और वैचारिक समृद्धि का मार्ग

मालेगांव | शाबाश इंडिया। दिगंबर जैन दर्शन में दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत उत्तम शौच धर्म का विशेष महत्व है। सामान्य भाषा में शौच का अर्थ...

Latest news

Skip to toolbar