Friday, October 30, 2026

जयपुर में गूंजेगी श्री महावीर स्वामी की अहिंसा की अखण्ड ज्योति, 9 नवंबर को मनेगा 2553वां निर्वाणोत्सव

जयपुर | शाबाश इंडिया।

राजस्थान जैन सभा जयपुर के तत्वावधान में पूज्य उपाध्याय 108 उर्जयन्त सागर महाराज के पावन सानिध्य में सोमवार, 9 नवंबर को भगवान महावीर स्वामी का 2553वां निर्वाणोत्सव एवं सामूहिक निर्वाण लाडू महोत्सव भट्टारक जी की नसिया में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस आयोजन में सकल दिगम्बर जैन समाज की सहभागिता रहेगी।

राजस्थान जैन सभा के अध्यक्ष सुभाष चन्द जैन एवं महामंत्री मनीष बैद ने बताया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी में वर्षों से प्रज्वलित अखण्ड ज्योति से लाई गई पवित्र ज्योत के माध्यम से भगवान महावीर स्वामी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन किया जाएगा। इस अवसर पर ‘महावीर’ नाम वाले 24 सौभाग्यशाली श्रावक पूजा-अर्चना करेंगे। साथ ही समाजबंधुओं का सामूहिक वात्सल्य सहभोज आयोजित होगा। पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ प्रत्येक परिवार को गमले सहित एक पौधा भेंट किया जाएगा।

राजस्थान जैन सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप जैन एवं उपाध्यक्ष विनोद जैन कोटखावदा ने बताया कि आयोजन के लिए अशोक जैन नेता को मुख्य संयोजक तथा जिनेन्द्र जैन जीतू एवं एडवोकेट राजेश काला को संयोजक बनाया गया है।

महोत्सव में महापौर सुनील कोठारी समारोह गौरव के रूप में शामिल होंगे। मुनिभक्त अशोक-शकुन्तला चांदवाड पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट करेंगे। आर्किटेक्ट रीजनल काउंसिल एशिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुषार सोगानी दीप प्रज्वलन करेंगे तथा समाजसेवी जी.सी. जैन एवं विशल्या देवी जैन, अलवर वाले, मुख्य निर्वाण लाडू अर्पित करेंगे। समाजश्रेष्ठी भूपेन्द्र-अनिता ठोलिया, विजय, विराट दीवान, अनुराग-कीर्ति पाटनी एवं वैद्यराज फूल चन्द-मनोरमा देवी जैन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

मुख्य संयोजक अशोक जैन नेता ने बताया कि कार्यक्रम के तहत प्रातः 8:15 बजे मंदिर जी से श्रीजी को जयकारों के बीच तोतूका सभागार में विराजमान किया जाएगा। इसके बाद भगवान महावीर स्वामी की संगीतमय पूजा होगी। उपाध्याय उर्जयन्त सागर मुनिराज का पाद प्रक्षालन कर उन्हें शास्त्र भेंट किए जाएंगे। इसके पश्चात उपाध्याय श्री के मंगल प्रवचन होंगे। निर्वाण काण्ड भाषा के सामूहिक उच्चारण के बाद जयकारों के बीच मोक्ष के प्रतीक निर्वाण लाडू अर्पित किए जाएंगे।

मंत्री यशकमल अजमेरा ने बताया कि कार्यक्रम के समापन पर 108 दीपकों से भगवान महावीर स्वामी की भव्य महाआरती की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी में लगभग 450 वर्ष पूर्व टीले से भगवान महावीर स्वामी की मूंगा वर्णी प्रतिमा प्रकट हुई थी। उसी प्रतिमा के समक्ष वर्षों से अखण्ड रूप से प्रज्वलित ज्योति की पवित्र जोत दूसरी बार जयपुर लाई जाएगी।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article

Skip to toolbar