Wednesday, October 7, 2026

‘फिट इंडिया-फिट फ्यूचर’ संवाद में महिलाओं ने जाना सेहत का मंत्र, योग, आयुर्वेद और फिटनेस पर विशेषज्ञों ने किया मंथन

उदयपुर | शाबाश इंडिया।

भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत अक्सर प्राथमिकताओं की सूची में पीछे छूट जाती है, जबकि स्वस्थ शरीर और संतुलित जीवनशैली ही खुशहाल भविष्य की असली पूंजी है। इसी सोच को समाज तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित ग्लोबल हेल्थ एंड वेलनेस फेस्टिवल सीजन-6 में स्वास्थ्य, फिटनेस और आरोग्य को लेकर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां हुईं। आयोजन में वूमेन बिजनेस सर्किल (डब्ल्यूबीसी) ने विशेष भूमिका निभाते हुए स्वास्थ्य चेतना को महिलाओं और परिवारों से जोड़ने की सार्थक पहल की।

फेस्टिवल के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह राठौड़ एवं जेएचडब्ल्यू के संस्थापक हिम्मत सिंह नाथावत रहे। पारस हेल्थ, केयर हेल्थ इंश्योरेंस और प्रोटेक जनरल इंश्योरेंस के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञ संवाद के साथ निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। पारस हेल्थ की टीम ने विभिन्न स्वास्थ्य जांचों के माध्यम से लोगों को समय पर परीक्षण और नियमित हेल्थ चेकअप के महत्व की जानकारी दी।

आयोजन की खास कड़ी शाम को आयोजित ‘फिट इंडिया-फिट फ्यूचर’ संवाद रहा। राजस्थान फिट इंडिया एंबेसडर एवं डब्ल्यूबीसी सचिव मीनाक्षी पालिवाल ने संवाद का संचालन और नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि अच्छी सेहत केवल बीमारी होने पर अस्पताल पहुंचने से नहीं बनती, बल्कि बीमारी से पहले ही शरीर के संकेतों को समझना और दैनिक जीवन में शारीरिक सक्रियता को स्थान देना जरूरी है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच स्वस्थ भविष्य की मजबूत बुनियाद हैं।

संवाद में आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. ज्योति देवल, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. विनिता बघेला तथा योगाचार्य वंशिका जैसवाल ने आयुर्वेद, योग, फिटनेस और जीवनशैली से जुड़े व्यावहारिक सुझाव साझा किए। विशेषज्ञों ने बताया कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी स्वस्थ आदतें लंबे समय में जीवनशैली में बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

डब्ल्यूबीसी अध्यक्ष आचार्य अणिमा गौस्वामी ने कहा कि महिला केवल अपने स्वास्थ्य की संरक्षक नहीं, बल्कि पूरे परिवार की जीवनशैली को दिशा देने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है। यदि महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों तो इसका सकारात्मक प्रभाव परिवार से लेकर समाज तक पहुंच सकता है।

फेस्टिवल का संदेश स्पष्ट रहा कि फिटनेस किसी एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन जीने की संस्कृति बननी चाहिए। ‘फिट इंडिया-फिट फ्यूचर’ संवाद ने इसी सोच को नई ऊर्जा देते हुए स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की दिशा में जागरूकता का संदेश दिया।

रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’

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