
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
भारी वाहन परिवहन कारोबार में तकनीक और मुनाफे को साथ जोड़ने की दिशा में महिंद्रा ट्रक एंड बस ने नया ब्लेजो आई-टीआरके बाजार में उतारा है। कंपनी ने इसे ‘मुनाफे का रॉकेट’ नाम देते हुए दावा किया है कि नई पीढ़ी का यह ट्रक ईंधन खपत कम करने, संचालन को अधिक प्रभावी बनाने और बेड़े के प्रबंधन को आसान करने में मदद करेगा।
दक्ष ऑटो के निदेशक विकास श्रीमाली ने बताया कि ब्लेजो आई-टीआरके में 320 हॉर्सपावर क्षमता वाला एमपावर इंजन दिया गया है, जो 1100 से 1700 आरपीएम के बीच 1100 न्यूटन मीटर टॉर्क प्रदान करता है। ट्रक की खासियत केवल इसकी इंजन क्षमता नहीं, बल्कि इसमें इस्तेमाल की गई बुद्धिमान तकनीक भी है।
ट्रक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित आईफ्यूलस्मार्ट स्वचालित ड्राइव प्रणाली दी गई है। यह तकनीक वाहन पर मौजूद भार, सड़क की चढ़ाई-ढलान और अलग-अलग ड्राइविंग परिस्थितियों का वास्तविक समय में आकलन करती है। इसके आधार पर उपयुक्त ड्राइविंग मोड चुनने में सहायता मिलती है। कंपनी के अनुसार, इससे अनावश्यक ईंधन खपत कम करने के साथ संचालन क्षमता में सुधार संभव है। वाहन में टर्बोमैक्स टर्बोचार्जर और ऑप्टिफ्यूल वायु संपीड़क जैसी तकनीकें भी शामिल हैं।
दक्ष ऑटो के निदेशक पियूष श्रीमाली ने बताया कि ग्राहकों के लिए सेवा नेटवर्क को भी वाहन की प्रमुख विशेषताओं में शामिल किया गया है। महिंद्रा के सेवा आश्वासन कार्यक्रम के तहत वाहन को 48 घंटे के भीतर दोबारा सड़क पर लाने की गारंटी दी गई है। निर्धारित अवधि में वाहन चालू नहीं होने पर 10 हजार रुपये प्रतिदिन के भुगतान का प्रावधान रखा गया है।
ब्लेजो आई-टीआरके में आईमैक्स 2.0 कनेक्टेड व्हीकल प्लेटफॉर्म भी दिया गया है, जिसके माध्यम से वाहन की स्थिति, चालक के प्रदर्शन, रखरखाव और संचालन से संबंधित जानकारी पर नजर रखी जा सकेगी। वहीं ‘नाउ 24 घंटे’ मोबाइल ऐप के जरिए सर्विस बुकिंग, सड़क किनारे सहायता, कलपुर्जों का ऑर्डर और खराब वाहन की सहायता से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।
महिंद्रा समूह के कार्यकारी मंडल सदस्य एवं ट्रक एंड बस के अध्यक्ष विनोद सहाय के अनुसार, नया ब्लेजो आई-टीआरके तकनीक, विश्वसनीयता और संचालन दक्षता के जरिए ‘बुद्धिमान ट्रकिंग’ की अवधारणा को आगे बढ़ाता है। उदयपुर में महिंद्रा ट्रक एंड बस के अधिकृत विक्रेता दक्ष ऑटो के माध्यम से वाहन की बिक्री और सेवा उपलब्ध होगी।
रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’


