
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
क्रिकेट का हुनर होने के बावजूद आर्थिक तंगी, संसाधनों की कमी या सही मंच नहीं मिल पाने के कारण आगे नहीं बढ़ सके युवाओं के लिए सैल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग (एसटीसीएल-1) नई उम्मीद लेकर आ रही है। 21 से 28 अक्टूबर तक नाथद्वारा के डॉ. मदन मोहन पालीवाल मिराज स्टेडियम में आयोजित होने वाली आठ दिवसीय क्रिकेट लीग के जरिए देश के अलग-अलग शहरों से उभरती प्रतिभाओं को तलाशकर उन्हें बड़े स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
एसटीसीएल के चेयरमैन राजेश झा ने उदयपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि देश के 20 शहरों से करीब 500 युवा खिलाड़ियों के ट्रायल लिए जा रहे हैं। इनमें से श्रेष्ठ 120 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें आठ टीमों में बांटकर लीग मुकाबले कराए जाएंगे। कई शहरों में चयन ट्रायल पूरे हो चुके हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों की आयु 16 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
खास बात यह है कि खिलाड़ियों के लिए पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। आयोजकों का कहना है कि आर्थिक स्थिति किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपनों की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए। चयनित खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय कोचिंग और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
एसटीसीएल के वाइस चेयरमैन रवि चिकारा ने बताया कि लीग में कुल 15 टी-20 मुकाबले खेले जाएंगे। सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले 27 और 28 अक्टूबर को होंगे। प्रत्येक मैच 20-20 ओवर का होगा, जिससे पूरे आयोजन में तेज रफ्तार और रोमांचक क्रिकेट देखने को मिलेगा।
पूर्व सांसद अर्जुनलाल मीणा ने बताया कि चयनित खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन और यात्रा सहित आवश्यक व्यवस्थाएं आयोजकों की ओर से निःशुल्क की जाएंगी। टूर्नामेंट में कुल 95 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि रखी गई है। विजेता टीम को 15 लाख रुपये और उपविजेता टीम को 10 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे।
आयोजकों के अनुसार, टूर्नामेंट के दौरान 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी और विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने पहुंचेंगी। आयोजन में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा उपमुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों के शामिल होने की संभावना भी जताई गई है।
एसटीसीएल का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि गांवों और छोटे शहरों में छिपे क्रिकेट हुनर को पहचान, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना है।
रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’


