
जयपुर | शाबाश इंडिया।
आमतौर पर हल्दी वाला दूध सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। दर्द, सर्दी-खांसी या सामान्य कमजोरी के दौरान घरों में अक्सर हल्दी वाला दूध पीने की सलाह दी जाती है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार हर व्यक्ति के लिए इसका सेवन उपयुक्त नहीं होता। कुछ विशेष परिस्थितियों में हल्दी का अधिक सेवन परेशानी बढ़ा सकता है, इसलिए ऐसे लोगों को चिकित्सकीय सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए।
आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. अबरार मुल्तानी के अनुसार हल्दी को एक उपयोगी औषधीय मसाले के रूप में देखा जाता है, लेकिन यह सभी लोगों के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं होती। खासकर गॉलब्लैडर स्टोन, गर्भावस्था और ब्लीडिंग संबंधी समस्या वाले लोगों को हल्दी के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए।
गॉलब्लैडर की समस्या वाले लोग:
जिन लोगों को गॉलब्लैडर से संबंधित समस्या या पित्ताशय में पथरी है, उन्हें हल्दी वाला दूध अधिक मात्रा में लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
खून पतला करने वाली दवा लेने वाले लोग:
हल्दी में रक्तस्राव को प्रभावित करने वाले गुण हो सकते हैं। इसलिए जो लोग पहले से ब्लड थिनर दवाएं ले रहे हैं, उन्हें नियमित या अधिक मात्रा में हल्दी का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
गर्भावस्था या अधिक रक्तस्राव की स्थिति में:
गर्भावस्था के दौरान किसी भी औषधीय मात्रा में हल्दी का सेवन करने से पहले चिकित्सकीय सलाह जरूरी है। वहीं, जिन लोगों को पहले से अधिक रक्तस्राव की समस्या रहती है, उन्हें भी सावधानी बरतनी चाहिए।
गैस और एसिडिटी से परेशान लोग:
कुछ लोगों में हल्दी का सेवन पेट में जलन, गैस या एसिडिटी जैसी परेशानी बढ़ा सकता है। इसलिए ऐसे लोगों को हल्दी वाला दूध अपनी स्थिति के अनुसार ही लेना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी घरेलू नुस्खे को हर व्यक्ति के लिए समान रूप से लाभकारी नहीं माना जा सकता। हल्दी वाला दूध सामान्य मात्रा में कई लोगों के लिए ठीक हो सकता है, लेकिन यदि किसी व्यक्ति को कोई बीमारी है, वह नियमित दवाएं ले रहा है या गर्भवती है, तो इसका सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

डा. पीयूष त्रिवेदी
आयुर्वेद विशेषज्ञ
एक्यूप्रेशर सेवा समिति, जयपुर
मो. 9828011871


